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बुधनी के कोसमी में उजड़े आदिवासियों के आशियाने, अपनी ही सरकार पर बरसे शिवराज; ST आयोग ने तीन दिन में मांगा जवाब

सीहोर: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान और फसलें हटाए जाने का मामला विवादों में आ गया है। प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई। परिवारों की महिलाओं और बच्चों को परेशान देखकर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिन घरों में बच्चों की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान मकानों को तोड़ने के साथ खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा और कुओं को मिट्टी से भर दिया गया। उनके मुताबिक, इससे प्रभावित परिवारों की आजीविका पर भी असर पड़ा है।

पीड़ित परिवारों की हालत देखकर नाराज हुए शिवराज

कोसमी गांव में प्रभावित आदिवासी परिवारों से मिलने के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई में मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिम्मेदार लोगों को यह भी सोचना चाहिए कि अगर उनके अपने परिवार के बच्चे ऐसी स्थिति में हों, तो उन्हें कैसा महसूस होगा।

शिवराज ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जवाबदेही तय करना जरूरी है।

मुख्य सचिव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से की बात

मामले को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से फोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह इस घटनाक्रम से मुख्यमंत्री को भी अवगत कराएंगे और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए प्रयास करेंगे।

उन्होंने अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे मामले की जानकारी सामने आनी चाहिए। साथ ही, यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि कार्रवाई किन परिस्थितियों में की गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

मकान और फसलें प्रभावित होने से परिवारों के सामने संकट

प्रभावित परिवारों के अनुसार, मकानों पर कार्रवाई के साथ उनकी खेती को भी नुकसान पहुंचा है। परिवारों की आजीविका खेती पर निर्भर होने के कारण फसलों के नष्ट होने से उनकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रभावित बच्चों के भोजन की व्यवस्था सहित परिवारों की तत्काल जरूरतों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को संबंधित स्तर पर उठाया जाएगा और आवास की व्यवस्था के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर उठे सवाल

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कोसमी गांव में वन विकास निगम की ओर से कथित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी। प्रभावित परिवारों ने कार्रवाई के तरीके और उन्हें दी गई पूर्व सूचना को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, इस मामले में जमीन की स्थिति, संबंधित आदेशों और कार्रवाई की प्रक्रिया की विस्तृत जांच से ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

इस मुद्दे पर शिवराज सिंह चौहान की नाराजगी के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है। अब निगाहें प्रशासन की जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और प्रभावित आदिवासी परिवारों को मिलने वाली राहत पर टिकी हैं।

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