नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ कथित अपमानजनक बयान से जुड़े मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेन ड्राइव दाखिल की गई है। सेशंस कोर्ट की स्पेशल जज रूबी अलका गुप्ता ने दोनों पक्षों को अगली सुनवाई से पहले अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील गगन गांधी ने खड़गे के कथित बयानों वाली पेन ड्राइव को अदालत के रिकॉर्ड पर रखने की अर्जी दी। खड़गे की ओर से इस अर्जी का विरोध नहीं किया गया। इसके बाद अदालत ने पेन ड्राइव को रिकॉर्ड पर रखने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने अपनी दलीलें भी पूरी कर लीं।
खड़गे की ओर से क्या दलील दी गई?
इससे पहले 28 सितंबर को मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने दलील दी थी कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर कानून के अनुरूप फैसला लिया था।
इससे पहले 19 सितंबर को खड़गे की ओर से आरएसएस के खिलाफ भविष्य में कोई भी मानहानिकारक बयान नहीं देने का लिखित आश्वासन देने से इनकार किए जाने की बात भी सामने आई थी।
शिकायतकर्ता ने क्यों दर्ज कराई याचिका?
शिकायतकर्ता रविंद्र गुप्ता का कहना है कि वह आरएसएस के सदस्य हैं और मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित बयानों से आहत हुए हैं। उन्होंने खड़गे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।
हालांकि, 13 दिसंबर 2024 को तीस हजारी कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने खड़गे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने सेशंस कोर्ट का रुख किया।
2023 के चुनावी बयान से जुड़ा है मामला
याचिका के मुताबिक, 27 अप्रैल 2023 को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और आरएसएस के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक बयान दिए थे। याचिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए जाने का दावा भी किया गया है।
मामले में अदालत ने सब्जी मंडी पुलिस थाने से एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) दाखिल करने को कहा था। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कथित बयान कर्नाटक में दिए गए थे और यह मामला सब्जी मंडी थाने के क्षेत्राधिकार में नहीं आता।
मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा के सांसद हैं। इसी वजह से मामले को लेकर एमपी-एमएलए अदालत में भी कानूनी प्रक्रिया का मुद्दा सामने आया है।
30 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
अब अदालत ने दोनों पक्षों को अगली सुनवाई से पहले लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया है। 30 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल, खड़गे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अंतिम फैसला आना बाकी है।

