जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में खुशियों का माहौल है। यहां बाघिन सुनैना ने तीन नन्हे शावकों को जन्म दिया है। इनमें दो मादा और एक नर शावक शामिल हैं। तीन नए मेहमानों के आने से चिड़ियाघर में बाघों का कुनबा बढ़ गया है। खास बात यह है कि चिड़ियाघर प्रबंधन ने तीनों शावकों के नाम रखने के लिए आम लोगों से सुझाव मांगे हैं। चुने गए प्रतिभागियों को मुफ्त प्रवेश पास और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा।
चिड़ियाघर प्रबंधन ने बुधवार, 14 अक्टूबर को शावकों के जन्म की जानकारी सार्वजनिक की। शुरुआती दिनों में उनकी देखभाल और स्वास्थ्य की निगरानी के बाद यह जानकारी साझा की गई है।
23 सितंबर को हुआ तीनों शावकों का जन्म
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में बाघिन सुनैना ने 23 सितंबर 2026 की सुबह तीन शावकों को जन्म दिया था। यह सुनैना का पहला प्रसव है। तीनों शावकों के पिता का नाम रुद्र है, जिसे महाराष्ट्र के नागपुर स्थित गोरेवाड़ा रेस्क्यू सेंटर से टाटा जू लाया गया था।
चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, तीनों शावकों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। उनकी गतिविधियों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली जा रही है।
एक मादा शावक को लगी थी चोट, इलाज के बाद हालत में सुधार
पहली बार मां बनी सुनैना से अनजाने में एक मादा शावक को चोट लग गई थी। इसके बाद चिड़ियाघर के पशु चिकित्सकों ने तत्काल उसका इलाज किया और घाव पर टांके लगाए।
इलाज के बाद शाविका की हालत में सुधार हुआ है। उसका वजन करीब 1.8 किलोग्राम बताया गया है। फिलहाल वह खतरे से बाहर है, लेकिन एहतियात के तौर पर डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
वहीं, दूसरे मादा शावक का वजन करीब 2.53 किलोग्राम और नर शावक का वजन लगभग 2.9 किलोग्राम है। दोनों की स्थिति सामान्य बताई गई है।
अब आप भी रख सकते हैं तीनों शावकों के नाम
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क प्रबंधन ने लोगों को इस खुशी में शामिल करने के लिए नामकरण प्रतियोगिता शुरू की है। इसके तहत इच्छुक लोग तीनों शावकों के लिए एक-एक नाम सुझा सकते हैं।
नाम भेजने की प्रक्रिया:
- अंतिम तारीख: 19 अक्टूबर 2026
- माध्यम: व्हाट्सऐप या एसएमएस
- मोबाइल नंबर: 9438291637
- सुझाव: तीनों शावकों के लिए एक-एक नाम भेजें।
चिड़ियाघर प्रबंधन की ओर से गठित टीम प्राप्त सुझावों में से तीन सर्वश्रेष्ठ नामों का चयन करेगी। चुने गए प्रतिभागियों को मुफ्त चिड़ियाघर प्रवेश पास और स्मृति चिह्न दिया जाएगा।
वन्यजीव संरक्षण के प्रति लोगों को जोड़ने की पहल
टाटा जू प्रबंधन का उद्देश्य नामकरण प्रतियोगिता के माध्यम से शहरवासियों को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना और चिड़ियाघर के साथ लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।
बाघों के संरक्षण और उनकी देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में इस तरह की पहल महत्वपूर्ण मानी जाती है। तीन नए शावकों के जन्म से चिड़ियाघर में उत्साह का माहौल है और अब लोगों की नजर उनके नामकरण पर टिकी है।
अगर आप भी इन नन्हे मेहमानों के नाम सुझाना चाहते हैं, तो 19 अक्टूबर 2026 तक दिए गए मोबाइल नंबर पर अपने सुझाव भेज सकते हैं।

