अमरावती/वाराणसी: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अयोध्या में भगवान वेंकटेश्वर यानी बालाजी मंदिर के निर्माण के लिए 5 से 10 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। नायडू ने यह प्रस्ताव वाराणसी में आयोजित ‘वाराणसी-वडनगर सेवा संकल्प अभियान’ कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में रखा।
नायडू का कहना है कि अयोध्या में भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर बनने से देश के दो प्रमुख धार्मिक केंद्रों अयोध्या और तिरुपति के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूती मिल सकती है। उन्होंने भगवान राम और भगवान वेंकटेश्वर के धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए इस प्रस्ताव को दोनों तीर्थ परंपराओं के बीच एक कड़ी के रूप में पेश किया।
त्रेता युग और कलियुग के देवता का दिया संदर्भ
अपने संबोधन में चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भगवान राम को त्रेता युग का देवता और भगवान वेंकटेश्वर को कलियुग का देवता माना जाता है। इसी धार्मिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए उन्होंने अयोध्या में भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर बनाने की इच्छा जताई और उत्तर प्रदेश सरकार से जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
नायडू के प्रस्ताव के मुताबिक, मंदिर के निर्माण में तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की भूमिका हो सकती है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार फिलहाल यह जमीन आवंटन का अनुरोध और प्रस्ताव है, न कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मंजूर की गई जमीन।
राम मंदिर निर्माण का भी किया जिक्र
नायडू ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी प्रशंसा की। उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करने की बात कही और एनडीए के बीच एकजुटता पर जोर दिया।
नदियों को जोड़ने की योजना पर भी जोर
कार्यक्रम में चंद्रबाबू नायडू ने देश की प्रमुख नदियों को आपस में जोड़ने की अपनी पुरानी मांग भी दोहराई। उन्होंने ब्रह्मपुत्र, गंगा, महानदी, गोदावरी और कावेरी जैसी नदियों को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि जल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और देश के विकास को गति देने के लिए ऐसी परियोजनाओं पर आगे बढ़ने की जरूरत है।
नायडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बड़े स्तर की विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की संभावना भी जताई। कार्यक्रम में उन्होंने आंध्र प्रदेश के विकास और केंद्र के सहयोग से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया।

