Homeराजनीतिबिहार के बाद दिल्ली में जन सुराज का विस्तार? प्रशांत किशोर ने...

बिहार के बाद दिल्ली में जन सुराज का विस्तार? प्रशांत किशोर ने बताया पूरा प्लान, बोले- 6 महीने में होगा फैसला

नई दिल्ली: बिहार की राजनीति में जन सुराज अभियान के जरिए मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने वाले प्रशांत किशोर (PK) ने पार्टी के राष्ट्रीय और संगठनात्मक विस्तार को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने उन अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि जन सुराज पार्टी जल्द ही दिल्ली में अपनी राजनीतिक इकाई शुरू करने जा रही है। किशोर ने साफ किया कि फिलहाल दिल्ली या अन्य राज्यों में तुरंत पार्टी लॉन्च करने की कोई योजना नहीं है।

‘हड़बड़ी में नहीं खोलेंगे संगठन की शाखाएं’

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा है कि बिहार से बाहर किसी अन्य राज्य में बिना सोचे-समझे या हड़बड़ी में सिर्फ नाम के लिए संगठन की शाखाएं नहीं खोली जाएंगी। उन्होंने कहा कि किसी भी नए राज्य, विशेषकर दिल्ली जैसे केंद्र में कदम रखने के लिए एक लंबी और ठोस तैयारी, सही लोगों का चयन, स्पष्ट विजन, पर्याप्त समय और संसाधनों का होना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने संकेत दिया कि दिल्ली में पार्टी के विस्तार को लेकर फिलहाल कोई ऐसा निर्णय नहीं लिया गया है। बल्कि छह महीने तक व्यापक मंथन और गहन विचार-विमर्श के बाद दिल्ली के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।

दिल्ली में NRB चैप्टर का गठन

बिहार के बाहर जन सुराज के समर्थकों और चाहने वालों की सबसे बड़ी संख्या दिल्ली और एनसीआर में रहती है। लंबे समय से कार्यकर्ताओं और समर्थकों का दबाव था कि प्रशांत किशोर स्वयं दिल्ली आकर उनसे मुलाकात करें। इसी सिलसिले में प्रशांत किशोर ने दिल्ली का दौरा कर कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया।

प्रशांत किशोर का कहना है कि वर्तमान में दिल्ली में जन सुराज से जुड़े लोगों को व्यवस्थित और संगठित करने के उद्देश्य से एक नॉन-रेसिडेंट बिहारी (NRB) चैप्टर का गठन किया गया है। हालांकि इसमें सिर्फ बिहार मूल के लोग ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों के नागरिक भी जन सुराज की विचारधारा से जुड़ सकेंगे।

2027 MCD, 2029 लोकसभा और 2030 विधानसभा चुनाव का खाका

सूत्रों के मुताबिक, जन सुराज पार्टी दिल्ली में आने वाले सभी प्रमुख चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी का लक्ष्य 2027 में होने वाले दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनावों में उतरना है, इसके बाद 2029 के लोकसभा चुनाव और 2030 के दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने का प्लान है। पार्टी के भीतर चल रही तैयारी के तहत दिल्ली में एक स्टीयरिंग कमेटी का गठन किया जाएगा, जो आगे पार्टी के संगठन और टीम को खड़ा करने का काम करेगी।

पुरवंचली वोट बैंक पर खास नजर

दिल्ली में जन सुराज पार्टी की रणनीति की एक अहम कड़ी पुरवंचली समुदाय है, जो बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से जुड़ाव रखता है। दिल्ली की आबादी में पुरवंचलियों की अच्छी-खासी हिस्सेदारी है और पार्टी उनके बीच अपनी पैठ बनाना चाहती है। हालांकि, पार्टी का कहना है कि वह सभी सामाजिक और आर्थिक वर्गों के लोगों को साथ लेकर चलेगी।

कौन होंगे दिल्ली के पदाधिकारी?

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जन सुराज की दिल्ली स्टीयरिंग कमेटी में कुछ प्रमुख नाम शामिल हो सकते हैं। इनमें अधिवक्ता तथागत हर्षवर्धन (पूर्व बक्सर सांसद के के तिवारी के पुत्र), दिल्ली यूनिवर्सिटी के देशबंधु कॉलेज के प्रोफेसर शांतनु कुमार, पूर्व IES अधिकारी और बिहार इकाई के बौद्धिक प्रकोष्ठ प्रमुख कुंवर चंद्रेश, अधिवक्ता अबू अफ्फान फारूकी (बिहार इकाई के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रमुख), बिहार महिला इकाई की प्रियंका सिंह, व्यवसायी अजय सिंह और पूर्व ONGC निदेशक बदी उद दोजा जैसे नाम चर्चा में हैं।

इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश के पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जेपी सिंह का नाम भी स्टीयरिंग कमेटी में शामिल हो सकता है। जेपी सिंह ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज के टिकट पर छपरा सीट से चुनाव लड़ा था।

बांकीपुर जीत के बाद बढ़ा आत्मविश्वास

जन सुराज पार्टी की स्थापना प्रशांत किशोर ने 2 अक्टूबर 2024 को की थी। पार्टी ने नवंबर 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में पहली बार हिस्सा लिया, जहां उसने 243 में से 238 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई। उस चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने 202 सीटें जीतीं, जबकि आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन को 35 सीटें मिलीं।

हालांकि, इस साल अगस्त में प्रशांत किशोर ने पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में जीत हासिल कर शानदार वापसी की। यह उनकी पहली चुनावी जीत थी। बांकीपुर सीट पांच बार के विधायक नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राज्यसभा के लिए चुने गए थे। इस जीत के बाद ही पार्टी के भीतर और समर्थकों के बीच दिल्ली समेत अन्य राज्यों में विस्तार की मांग तेज हुई है।

फिलहाल, प्रशांत किशोर ने साफ कर दिया है कि दिल्ली में पार्टी का विस्तार जल्दबाजी में नहीं, बल्कि पूरी तैयारी और ठोस रणनीति के साथ किया जाएगा। अब सभी की निगाहें छह महीने के मंथन के बाद आने वाले विजन डॉक्यूमेंट पर टिकी हैं, जो दिल्ली में जन सुराज की आगे की राह तय करेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments