रांची। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अयोध्या स्थित राम मंदिर जाने के फैसले का झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने समर्थन किया है। झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने अखिलेश यादव के इस निर्णय पर सहमति जताते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार पूजा-पाठ करने और अपने धर्मस्थल पर जाने का अधिकार है। किसी के मंदिर जाने या धार्मिक स्थलों पर दर्शन करने को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।
दरअसल, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 12 दिसंबर 2026 को अयोध्या जाने की चर्चा है। सपा नेता और अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडेय ने घोषणा की थी कि अखिलेश यादव अपनी पत्नी एवं सांसद डिंपल यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ अयोध्या पहुंचेंगे। इस दौरान वे हनुमानगढ़ी और श्रीराम मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके साथ ही संतों-महंतों से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लेने का भी कार्यक्रम बताया गया है।
JMM के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने किया समर्थन
अखिलेश यादव के राम मंदिर जाने के फैसले पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार पूजा-अर्चना करने और धार्मिक स्थलों पर जाने की पूरी स्वतंत्रता है। धर्म और आस्था व्यक्तिगत विषय हैं। ऐसे मामलों में राजनीतिक विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।
झामुमो की इस प्रतिक्रिया को अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
12 दिसंबर को अयोध्या जाने की हुई थी घोषणा
समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडेय ने 7 नवंबर को अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे की जानकारी दी थी। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव पत्नी डिंपल यादव और परिवार के साथ अयोध्या पहुंचकर सबसे पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन करेंगे। इसके बाद राम जन्मभूमि परिसर में रामलला के दर्शन करेंगे। अयोध्या प्रवास के दौरान संतों और महंतों से मुलाकात का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है।
यह दौरा जनवरी 2024 में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अखिलेश यादव का मंदिर में पहला दर्शन हो सकता है।
राम मंदिर जाने को लेकर पहले भी दे चुके हैं बयान
अखिलेश यादव पहले भी अयोध्या में राम मंदिर जाने को लेकर अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने कहा था कि इटावा में बन रहे केदारेश्वर धाम का निर्माण पूरा होने के बाद वह अयोध्या में रामलला के दर्शन करेंगे। इस बीच सपा नेता पवन पांडेय की ओर से 12 दिसंबर की तारीख घोषित किए जाने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं।
हालांकि, सपा के प्रवक्ता मनोज काका ने इस तारीख को लेकर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि अखिलेश यादव पहले इटावा के केदारेश्वर धाम में पूजा-अर्चना करेंगे और उसके बाद ही अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन करेंगे।
अखिलेश के अयोध्या दौरे पर राजनीतिक बयानबाजी
अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोली चलवाई और संतों का अपमान किया, उन्हें अयोध्या आने से पहले अपने कृत्यों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से इस दौरे को धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय बताया गया है। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने दौरे के समय और इसके राजनीतिक मायनों पर सवाल उठाए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय का समर्थन सामने आया है। उन्होंने धार्मिक आस्था को व्यक्तिगत अधिकार बताते हुए अखिलेश यादव के राम मंदिर जाने के फैसले का समर्थन किया है।

