वाराणसी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे और सीधे लोकसभा से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। अखिलेश के इस बयान से यूपी की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है।
अखिलेश यादव मंगलवार को वाराणसी पहुंचे थे। यहां उन्होंने सपा के सक्रिय पदाधिकारी राजेश यादव के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश फौजी के बीमार होने पर उनसे मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।
बोले- हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते
वाराणसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने अपने मुख्यमंत्री बनने को लेकर कहा, “हम मुख्यमंत्री तब बनते हैं, जब चुनाव नहीं लड़ते हैं। इसलिए वही काम करेंगे, जो हमारे लिए शुभ होगा। 2027 में सीधे लोकसभा से मुख्यमंत्री की शपथ लूंगा।”
उनके इस बयान को 2027 के विधानसभा चुनाव में खुद चुनाव नहीं लड़ने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2012 में भी अखिलेश यादव लोकसभा सांसद रहते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे।
भाजपा के 200 विधायकों का टिकट कटने का किया दावा
अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में अपने 200 मौजूदा विधायकों के टिकट काट सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा पहले अपने 100 विधायकों के टिकट काटने की तैयारी में थी, लेकिन एमएलसी चुनाव में हार के बाद अब यह संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है।
उन्होंने दावा किया कि सबसे पहले काशी के मंत्रियों के टिकट काटे जाएंगे। हालांकि, भाजपा की ओर से इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
काशी में सपा की जीत को बताया बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद
अखिलेश यादव ने वाराणसी की विधान परिषद की दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों की जीत को बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा कि काशी की जनता ने सपा को समर्थन दिया है।
उनके इस दौरे को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल में पार्टी की राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है।

