दिल्ली से लौटते ही नीतीश के आवास पहुंचे मुख्यमंत्री
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को दिल्ली दौरे से पटना लौटने के बाद सीधे पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 मिनट तक बातचीत हुई। मुलाकात के दौरान दोनों की गर्मजोशी की तस्वीरें भी सामने आईं। तस्वीरों में नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखे नजर आए।
मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने बताया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बधाई संदेश लेकर नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बिहार में गाद नीति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच हुए समझौते की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की नदियों से गाद निकालने का काम केंद्र सरकार करेगी। इससे राज्य को बाढ़ की समस्या से राहत दिलाने में मदद मिलेगी। उन्होंने नीतीश कुमार के कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार में सुशासन स्थापित किया और संगठित अपराध पर नियंत्रण की दिशा में काम किया। उनकी सरकार नीतीश कुमार के सहयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बिहार को विकसित राज्य बनाने के लिए काम कर रही है।
MLC चुनाव के नतीजों से भाजपा-जदयू में बढ़ी थी तल्खी
बिहार विधान परिषद चुनाव के परिणाम आने के बाद भाजपा और जदयू के बीच राजनीतिक असहजता की चर्चा तेज हो गई थी। दोनों दलों ने चार-चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। भाजपा को दो सीटों पर जीत मिली, जबकि जदयू केवल एक सीट जीत सका।
तिरहुत स्नातक सीट पर जदयू के अभिषेक झा को निर्दलीय बंशीधर ब्रजवासी ने हराया। वहीं, सारण शिक्षक सीट पर जदयू के पुष्कर आनंद को निर्दलीय राहुल राज से हार का सामना करना पड़ा। दरभंगा शिक्षक सीट पर जदयू उम्मीदवार घनश्याम राय को जन सुराज पार्टी के एसपी राय ने पराजित किया।
चुनाव परिणाम के बाद जदयू नेताओं ने सहयोगी भाजपा से अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने की बात उठाई थी। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ भाजपा नेताओं ने गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में पूरी सक्रियता नहीं दिखाई।
निर्दलीय एमएलसी के भाजपा को समर्थन से बढ़ा विवाद
विवाद उस समय और बढ़ गया, जब चुनाव जीतने के बाद निर्दलीय एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज ने भाजपा नेताओं से मुलाकात की। दोनों के भाजपा में शामिल होने की खबरें सामने आईं। हालांकि, बाद में भाजपा ने स्पष्ट किया कि दोनों ने पार्टी की औपचारिक सदस्यता नहीं ली, बल्कि सरकार को समर्थन दिया है।
इस घटनाक्रम पर जदयू नेताओं ने आपत्ति जताई। जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी भाजपा के रुख पर सवाल उठाए। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी निर्दलीय एमएलसी के भाजपा को समर्थन देने के घटनाक्रम पर नैतिकता का सवाल उठाया।
5 नवंबर को जदयू की समीक्षा बैठक पर नजर
विधान परिषद चुनाव में प्रदर्शन की समीक्षा के लिए जदयू ने 5 नवंबर को पटना में बैठक बुलाई है। इसमें चुनाव लड़ने वाले पार्टी के उम्मीदवारों और वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। तिरहुत स्नातक सीट से हारे अभिषेक झा भी बैठक में अपनी बात रखने की तैयारी में हैं।
ऐसे में समीक्षा बैठक से पहले सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार की मुलाकात को अहम माना जा रहा है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच MLC चुनाव को लेकर हुई नाराजगी पर चर्चा हुई या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर जदयू की समीक्षा बैठक और उसमें उठने वाले मुद्दों पर टिकी है।

