पटना। बिहार विधान परिषद में सदस्यता को लेकर उठे विवाद के बीच निर्दलीय एमएलसी बंशीधर ब्रजवासी ने बुधवार को कार्यकारी सभापति रामवचन राय से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की औपचारिक सदस्यता नहीं ली है, बल्कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि यह समर्थन भी कुछ शर्तों के आधार पर दिया गया है।
बंशीधर ब्रजवासी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें विधान परिषद की ओर से अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है। वह चुनाव में जीत के बाद कार्यकारी सभापति से आशीर्वाद लेने और औपचारिक मुलाकात करने पहुंचे थे। विपक्ष की ओर से सदस्यता रद्द करने की मांग पर उन्होंने कहा कि इस मामले में फैसला सभापति को करना है। विपक्ष को राजनीति के लिए मुद्दे चाहिए, इसलिए वह अपनी बात रख रहा है।
शिक्षकों की मांगों पर सरकार को दिया समर्थन
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार दूसरी बार निर्दलीय एमएलसी चुने गए ब्रजवासी ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें बुलाकर सम्मान दिया था। मुलाकात के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने शिक्षकों की समस्याएं और मांगें रखीं। मुख्यमंत्री ने इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। ब्रजवासी के मुताबिक, सरकार की ओर से जल्द ही इस संबंध में घोषणाएं भी की जा सकती हैं। इसी आधार पर उन्होंने सदन में सरकार को समर्थन देने का फैसला लिया।
उन्होंने कहा कि वह वैचारिक रूप से एनडीए के साथ हैं, लेकिन भाजपा के औपचारिक सदस्य नहीं बने हैं। सरकार को समर्थन देने के लिए उन्होंने अपनी शर्तें रखी हैं। अगले चार साल तक एनडीए सरकार को समर्थन देने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि इसके बाद आगे की राजनीतिक स्थिति के अनुसार फैसला लिया जाएगा।
भाजपा में शामिल होने के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद
बंशीधर ब्रजवासी और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय एमएलसी चुने गए राहुल राज पिछले सप्ताह पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। उस दौरान दोनों के भाजपा की सदस्यता लेने की खबर सामने आई थी। भाजपा कार्यालय में दोनों की सदस्यता पर्ची के साथ तस्वीरें भी सामने आई थीं। भाजपा की ओर से जारी बयान में भी शुरुआत में दोनों के पार्टी की सदस्यता लेने की बात कही गई थी।
हालांकि, बाद में भाजपा ने स्पष्ट किया कि दोनों ने पार्टी की औपचारिक सदस्यता नहीं ली है, बल्कि सरकार को समर्थन दिया है। बंशीधर ब्रजवासी ने भी अब यही बात दोहराई है।
राजद और जन सुराज ने की है सदस्यता रद्द करने की मांग
इस पूरे मामले को लेकर राजद, जन सुराज पार्टी और विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने विधान परिषद के कार्यकारी सभापति रामवचन राय से शिकायत की है। विपक्ष का आरोप है कि दोनों एमएलसी निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद भाजपा में शामिल हुए हैं। इसे दल-बदल कानून का उल्लंघन बताते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने और अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है।
विपक्ष ने इस संबंध में ज्ञापन और साक्ष्य भी सौंपे हैं। वहीं, बंशीधर ब्रजवासी का कहना है कि उन्होंने भाजपा की सदस्यता नहीं ली है और सिर्फ सरकार को समर्थन दिया है। अब इस मामले में आगे का निर्णय विधान परिषद के कार्यकारी सभापति को करना है।

