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रवि किशन से बहस के बाद बीजेपी पार्षद को दिल्ली बुलाया गया, हाईकमान ने मांगा जवाब

गोरखपुर: भारी बारिश के बाद जलभराव को लेकर बीजेपी सांसद रवि किशन और पार्टी के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के बीच हुई फोन पर बातचीत का मामला अब पार्टी नेतृत्व तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े ने पार्षद से फोन पर बात की है और उन्हें दिल्ली बुलाया गया है। विश्वजीत त्रिपाठी ने भी विनोद तावड़े का फोन आने की पुष्टि की है।

जलभराव को लेकर सांसद-पार्षद में हुई थी बातचीत

गोरखपुर में शनिवार को हुई भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसी दौरान पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने सांसद रवि किशन को फोन कर शहर के जलभराव और रेगुलेटर से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया।

सोशल मीडिया पर वायरल बातचीत में पार्षद शहर के कई हिस्सों में पानी भरने और तरकुलानी तथा पॉम पैराडाइज के पास रेगुलेटर को लेकर चिंता जताते सुनाई दे रहे हैं। रवि किशन ने कहा कि वह मौके पर हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

फोन पर हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई। बातचीत के दौरान रवि किशन ने पार्षद से पूछा कि क्या उन्होंने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली है। इसके जवाब में विश्वजीत त्रिपाठी ने भी उनसे पूछा कि क्या उन्होंने बहुजन समाज पार्टी ज्वाइन कर ली है।

विनोद तावड़े ने पार्षद से की बात

मामला बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने के बाद उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने विश्वजीत त्रिपाठी से फोन पर बातचीत की। पार्षद के मुताबिक, तावड़े ने पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली और उन्हें दिल्ली आने के लिए कहा।

विश्वजीत त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल उनके वार्ड में कई समस्याएं हैं। इनका समाधान होने के बाद वह दिल्ली जाएंगे।

अखिलेश यादव ने सपा में आने की बात कही

मामले पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने विश्वजीत त्रिपाठी के सपा में शामिल होने की बात कही और कहा कि वह पार्टी के सदस्य बनेंगे।

हालांकि, विश्वजीत त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल वह बीजेपी में ही हैं और सपा में जाने की उनकी कोई मंशा नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, वह पहले समाजवादी पार्टी के टिकट पर पार्षद चुने गए थे और बाद में बीजेपी में शामिल हुए थे।

बीजेपी की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई पर फैसला संभव

मामले को लेकर बीजेपी के क्षेत्रीय महासचिव सतेंद्र सिन्हा ने कहा है कि किसी भी कार्रवाई पर फैसला पार्टी की अनुशासन समिति करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों को पार्टी के मंच पर उठाया जाना चाहिए।

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