20 नवंबर को रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश होने का निर्देश
उज्जवल दुनिया संवाददाता
हजारीबाग। हजारीबाग के ओकनी तालाब के संरक्षण और जीर्णोद्धार से जुड़े मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), ईस्टर्न जोन बेंच ने जिला प्रशासन पर कड़ी नाराजगी जताई है। ट्रिब्यूनल ने 3 जुलाई 2025 के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर हजारीबाग के उपायुक्त (DC) और नगर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामला हजारीबाग पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के अध्यक्ष जयगोपाल राय की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विश्वेश्वर नाथ राय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि NGT ने एक साल के भीतर तालाब संरक्षण की कार्ययोजना पूरी कर 15 जुलाई 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था, जो अब तक दाखिल नहीं हुई।
सुनवाई जस्टिस अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ईश्वर सिंह की खंडपीठ ने की। आदेश में कहा गया है कि NGT अधिनियम 2010 की धारा 26 के तहत आदेश की अवहेलना दंडनीय है और धारा 25 के तहत इसे सिविल कोर्ट की डिक्री की तरह लागू किया जा सकता है। नगर निगम पहले ही स्वीकार कर चुका है कि आसपास की नालियों का पानी ओकनी तालाब में जा रहा है और तालाब के आसपास गंदगी है। अब अगली सुनवाई 20 नवंबर 2026 को होगी, जिसमें दोनों अधिकारियों को रिकॉर्ड के साथ हाजिर होने को कहा गया है।

