बिहार समेत कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के असर से पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बढ़ सकती है बारिश
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 30 सितंबर को कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधि देखने को मिल सकती है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।
हालांकि, 29 सितंबर को जारी IMD के आधिकारिक उप-विभागीय पूर्वानुमान में उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के लिए 30 सितंबर को कोई चेतावनी नहीं दी गई है। ऐसे में यूपी में व्यापक भारी बारिश के अलर्ट के दावे को सावधानी से देखना जरूरी है।
बिहार में कैसा रहेगा मौसम?
बिहार में 30 सितंबर को कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की स्थिति बन सकती है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में मौसम गतिविधि बनी रहने की संभावना है।
हालांकि, पटना के लिए उपलब्ध शहर-स्तरीय IMD पूर्वानुमान में 30 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना और अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस बताया गया है। पटना के लिए उस दिन कोई विशेष चेतावनी दर्ज नहीं है।
झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी बारिश-आंधी की संभावना
झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 30 सितंबर को बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों में इन क्षेत्रों में आंधी-तूफान जैसी गतिविधियों की संभावना जताई गई है।
पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश से बढ़ सकती है परेशानी
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क बाधित होने और स्थानीय जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखने की जरूरत है।
भारी बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर अनावश्यक यात्रा से बचना और संवेदनशील स्थानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
बिजली गिरने के दौरान बरतें सावधानी
गरज-चमक वाले मौसम में सबसे बड़ा खतरा आकाशीय बिजली का होता है। मौसम खराब होने पर पेड़ के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित पक्के स्थान पर शरण लेना चाहिए। खुले मैदान, खेत और जलाशयों के आसपास रहने से बचना चाहिए।
किसानों को भी आंधी और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बंगाल की खाड़ी की गतिविधि पर भी नजर
IMD के अनुसार बंगाल की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्र में मौसम संबंधी गतिविधियां बनी हुई हैं। इन प्रणालियों के कारण पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधि जारी रह सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान लगातार अपडेट होते रहते हैं। इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी चेतावनियों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
मौसम विभाग की चेतावनी को लेकर जरूरी बात
30 सितंबर को देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी की संभावना जरूर है, लेकिन हर राज्य में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। खासकर उत्तर प्रदेश को लेकर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में चल रहे व्यापक अलर्ट की तुलना आधिकारिक IMD बुलेटिन से करना जरूरी है। 29 सितंबर के IMD अपडेट में पूर्वी और पश्चिमी यूपी के लिए 30 सितंबर को कोई चेतावनी नहीं दी गई है।

