-कथारा के पांच नंबर स्टॉकयार्ड में हुआ हादसा
-जलावन का कोयला चुन रहे सात लोग दबे, चार घायल
-अवैध कोयला कारोबार और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बोकारो। जलावन के लिए कोयला चुनने गई महिलाओं को अंदाजा भी नहीं था कि कोयले का ढेर उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगा। गुरुवार तड़के करीब 4:45 बजे सीसीएल कथारा कोलियरी के पांच नंबर स्टॉकयार्ड में कोयले का भारी ढेर अचानक धंस गया। इसकी चपेट में आकर छह महिलाएं और एक पुरुष दब गए। हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, बांध बस्ती और आसपास के गांवों की महिलाएं जलावन के लिए रिजेक्ट कोयला चुनने स्टॉकयार्ड पहुंची थीं। इसी दौरान ऊपर जमा कोयले का बड़ा ढेर अचानक भरभराकर गिर पड़ा और सात लोग उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया।
मृतकों की पहचान सहोदरी देवी (50), कौशल्या देवी (45) और पुष्पा देवी (49) के रूप में हुई है। तीनों आसपास के गांवों की रहने वाली थीं। घायलों को उपचार के लिए सीसीएल अस्पताल ले जाया गया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बोकारो रेफर किए जाने की सूचना है।
घटना की सूचना मिलते ही कथारा ओपी प्रभारी राहुल कुमार राम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, मृतकों के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिए गए।
अवैध कोयला कारोबार और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस हादसे ने कथारा कोलियरी के स्टॉकयार्ड में लोगों की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर कोयले के अवैध कारोबार और प्रबंधन की कथित लापरवाही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर स्टॉकयार्ड में आम लोगों की पहुंच कैसे हुई? क्या वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे? और हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी? तीन महिलाओं की मौत के बाद अब सीसीएल प्रबंधन की जवाबदेही और संभावित कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।





