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हजारीबाग दोहरा हत्याकांड: बेटा-बहू की हत्या के मामले में पिता समेत 6 दोषियों को उम्रकैद

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में चर्चित इचाक दोहरे हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। राहुल मेहता और उनकी पत्नी पूजा यादव की हत्या के मामले में अदालत ने राहुल के पिता ईश्वर प्रसाद मेहता समेत छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्या और साजिश के साथ साक्ष्य मिटाने से जुड़े मामलों में भी सजा सुनाई।

मुख्य बातें

  • हजारीबाग की अदालत ने इचाक दोहरे हत्याकांड में छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

  • मृतक राहुल मेहता के पिता ईश्वर प्रसाद मेहता और चाचा बबलू मेहता समेत छह लोग दोषी करार दिए गए।

  • मृतकों की पहचान राहुल मेहता और उनकी पत्नी पूजा यादव के रूप में हुई।

  • अभियोजन पक्ष ने मामले में 19 गवाह पेश किए।

  • यह मामला जून 2024 में हुई दंपती की हत्या से जुड़ा है।

पिता और चाचा समेत छह दोषियों को सजा

हजारीबाग की अदालत में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम तरुण कुमार ने छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषियों में ईश्वर प्रसाद मेहता, बबलू मेहता, बॉबी कुमार, विक्की कुमार, आशीष पांडेय और सोनू कुमार सिन्हा शामिल हैं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 120बी के तहत हत्या और आपराधिक साजिश के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, साक्ष्य मिटाने से संबंधित धारा 201 के तहत तीन साल की अतिरिक्त सजा भी सुनाई गई।

जून 2024 में हुई थी राहुल और पूजा की हत्या

यह मामला हजारीबाग जिले के इचाक थाना क्षेत्र का है। राहुल मेहता कोचिंग संस्थान चलाते थे, जबकि उनकी पत्नी पूजा यादव भी शिक्षण कार्य से जुड़ी थीं। जून 2024 में दोनों की हत्या कर दी गई थी।

मामले में आरोप था कि दहेज को लेकर विवाद के कारण दंपती को प्रताड़ित किया गया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, घटना के दौरान दंपती को गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया और बाद में उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के आरोप भी सामने आए।

अभियोजन पक्ष ने पेश किए 19 गवाह

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 19 गवाहों के बयान अदालत के सामने रखे। इनमें शिकायतकर्ता राम मूरत यादव और जांच अधिकारी मोहम्मद शाहिद रजा भी शामिल थे।

सजा सुनाए जाने के दौरान बचाव पक्ष ने मृत्युदंड के बजाय दूसरी सजा दिए जाने की दलील रखी। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अधिकतम सजा की मांग की।

फैसले के बाद पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद

अदालत के फैसले के बाद मामले में पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। पूजा यादव के पिता राम मूरत यादव ने फैसले पर संतोष जताया और न्याय व्यवस्था पर अपना भरोसा व्यक्त किया।

इस फैसले के साथ ही हजारीबाग के चर्चित इचाक दोहरे हत्याकांड में छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

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