लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस में हुए बड़े संगठनात्मक बदलाव के बाद भाजपा के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ की तारीफ की है। उन्होंने आराधना मिश्रा को शुभकामनाएं देते हुए उनके पिता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की भी प्रशंसा की।
बृजभूषण शरण सिंह ने आराधना मिश्रा को ‘बहुत सज्जन’ बताते हुए कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से उन्हें काफी पसंद करते हैं। उन्होंने उनके पिता प्रमोद तिवारी को उत्तर प्रदेश की राजनीति में जमीन से जुड़कर काम करने वाला नेता बताया।
प्रमोद तिवारी की राजनीति का किया जिक्र
बृजभूषण सिंह ने कहा कि प्रमोद तिवारी उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और रामपुर खास से लगातार नौ बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि आराधना मिश्रा को भी अपने पिता से वही संस्कार और राजनीतिक पालन-पोषण मिला है।
हालांकि, आराधना मिश्रा की तारीफ करने के साथ बृजभूषण सिंह ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की चुनौती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव केवल मोना के नाम पर नहीं लड़ा जाएगा, बल्कि राहुल गांधी भी कांग्रेस के लिए एक प्रमुख मुद्दा होंगे।
आराधना मिश्रा को मिली यूपी कांग्रेस की कमान
कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, सहारनपुर से लोकसभा सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
आराधना मिश्रा इससे पहले उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। वह रामपुर खास विधानसभा सीट से विधायक हैं और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक प्रोफाइल में भी प्रमोद तिवारी को उनके पिता के रूप में दर्ज किया गया है।
कांग्रेस ने साधने की कोशिश की सामाजिक समीकरण
कांग्रेस के संगठनात्मक बदलाव को उत्तर प्रदेश में पुराने सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी ने आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। इसके साथ ही राजेंद्र पाल गौतम प्रदेश प्रभारी की भूमिका में हैं।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के इस बदलाव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। आराधना मिश्रा के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ पार्टी के चुनावी आधार को विस्तार देने की बड़ी चुनौती होगी।

