दुबई: फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुए खौफनाक कॉकपिट हमले के दौरान यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से दुबई के क्राउन प्रिंस और UAE के उप प्रधानमंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मख्तूम ने मुलाकात की। उन्होंने कैप्टन स्मित के साहस, जिम्मेदारी और इंसानी जिंदगी के प्रति उनकी चिंता की जमकर तारीफ की। UAE के नेतृत्व की ओर से भी पायलट के प्रति आभार और सम्मान जताया गया।
शेख हमदान ने की स्मित मच्छार की तारीफ
कैप्टन स्मित से मुलाकात के बाद शेख हमदान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने कहा कि स्मित मच्छार ने असाधारण साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
दुबई के क्राउन प्रिंस ने कहा कि UAE के नेतृत्व की ओर से कैप्टन स्मित को पूरी सराहना और सम्मान दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि UAE को गर्व है कि स्मित उनकी टीम का हिस्सा हैं और उन्होंने देश की कहानी में अपना योगदान दिया है।
को-पायलट ने कॉकपिट में किया था हमला
यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। UAE अधिकारियों के मुताबिक, को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान के नियंत्रण को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। UAE के अटॉर्नी जनरल ने इसे कथित ‘आतंकवादी कृत्य’ की कोशिश बताया है।
हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचने और हमलावर को काबू करने का मौका मिला। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक में आपात स्थिति में उतारा गया।
तेजी से हो रही है पायलट की रिकवरी
भारतीय दूतावास के अनुसार कैप्टन स्मित मच्छार की हालत में सुधार हो रहा है और उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उनके इलाज और स्वास्थ्य को लेकर भारतीय अधिकारी उनके परिवार और UAE प्रशासन के संपर्क में हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की थी। स्मित ने उन्हें बताया था कि हमले के दौरान विमान नीचे जा रहा था और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। मोदी ने उनके साहस और सूझबूझ की सराहना की थी।
पायलट के साहस ने टाला बड़ा हादसा
कैप्टन स्मित मच्छार की सूझबूझ और हिम्मत ने उस वक्त बड़ा हादसा होने से रोकने में अहम भूमिका निभाई। गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने विमान और उसमें सवार लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उनके इस साहस की भारत के साथ-साथ UAE और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना हो रही है।

