मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना के बाद अभिनेता सलमान खान और बिश्नोई समुदाय के बीच विवाद एक बार फिर चर्चा में है। मशहूर भजन गायक अनूप जलोटा ने इस घटना पर दुख जताते हुए सलमान खान से बिश्नोई समुदाय से माफी मांगने की अपील की है। उनका मानना है कि इससे लंबे समय से चले आ रहे विवाद और कटुता को खत्म करने की दिशा में मदद मिल सकती है।
अनूप जलोटा ने जताया फायरिंग की घटना पर दुख
समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में अनूप जलोटा ने कहा कि टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए विवाद का समाधान निकालना जरूरी है।
अनूप जलोटा के मुताबिक, बिश्नोई समुदाय के लोगों की भावनाएं काले हिरण के शिकार से जुड़े पुराने विवाद के कारण आहत हुई हैं। उन्होंने सलमान खान से समुदाय से माफी मांगकर मामले को खत्म करने की दिशा में कदम उठाने की अपील की।
सलमान खान से माफी मांगने की अपील
अनूप जलोटा ने कहा कि उन्होंने पहले भी सलमान खान को बिश्नोई समुदाय से माफी मांगने की सलाह दी थी। उनका कहना है कि विवाद का समाधान नहीं निकलने पर तनाव बना रह सकता है और इसका असर अभिनेता के साथ काम करने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने सलमान खान से इस मामले में ठोस फैसला लेने की अपील करते हुए कहा कि आपसी कटुता को खत्म करने की कोशिश की जानी चाहिए।
टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग
मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी की थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और ऑडियो संदेश सामने आए, जिनमें कुछ लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। इन संदेशों में सलमान खान से बिश्नोई समुदाय से माफी मांगने की मांग भी की गई।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए दावों और कथित गैंग कनेक्शन की प्रामाणिकता की जांच जरूरी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
काले हिरण के शिकार मामले से जुड़ा है विवाद
सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई के बीच विवाद की जड़ वर्ष 1998 का काले हिरण के शिकार का मामला है। बिश्नोई समुदाय काले हिरण को पवित्र मानता है। इसी मामले को लेकर लॉरेंस बिश्नोई की ओर से सलमान खान को पहले भी धमकियां दिए जाने की खबरें सामने आती रही हैं।
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद एक बार फिर अभिनेता की सुरक्षा और बॉलीवुड में बढ़ती धमकियों को लेकर चिंता जताई जा रही है। हालांकि, किसी भी तरह की हिंसा या धमकी को विवाद के समाधान का रास्ता नहीं माना जा सकता।

