नई दिल्ली/चंडीगढ़। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर निशाना साधा है। मंगलवार को पंजाब दौरे के दौरान उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान शाह ने राज्य में नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने और इससे जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दिया।
अमित शाह ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे का कारोबार लगातार गंभीर चुनौती बना हुआ है और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से नशे के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।
तीन पीड़ित परिवारों से की मुलाकात
पंजाब दौरे के दौरान अमित शाह ने मानसा, संगरूर और गुरदासपुर से जुड़े तीन मामलों के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इनमें नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा, गुलजार सिंह और बिक्रमजीत सिंह के परिवार शामिल हैं।
इन मामलों ने पंजाब में नशे के कारोबार और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने भी इन घटनाओं के संबंध में पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
AAP सरकार पर लगाए आरोप
अमित शाह ने पंजाब की भगवंत मान सरकार पर नशे की समस्या को प्रभावी तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए ठोस कार्रवाई की जरूरत है। उनके मुताबिक, केवल घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने होंगे।
शाह ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की मौत से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही।
झोटा की हत्या और CBI जांच की मांग का मामला
मानसा के नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में परिजनों और प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग उठाई है। मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुआ।
इसी तरह, संगरूर के गुलजार सिंह की मौत और गुरदासपुर के बिक्रमजीत सिंह की हत्या को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, बिक्रमजीत सिंह की हत्या में पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़े पहलू की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इन घटनाओं में नशे के कारोबार की भूमिका को जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
पंजाब को नशामुक्त बनाने का संकल्प
अमित शाह ने पंजाब सहित देश को नशे के कारोबार से मुक्त कराने का संकल्प दोहराया। उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
पंजाब में नशे का मुद्दा राजनीतिक बहस का भी प्रमुख हिस्सा बन गया है। राज्य की AAP सरकार और भाजपा के बीच इस विषय पर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। ऐसे में नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को न्याय और युवाओं को नशे से बचाने के उपाय आने वाले दिनों में भी महत्वपूर्ण मुद्दे बने रहेंगे।

