आगरा: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दलित समुदाय के बीच संगठनात्मक पहुंच बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में 15 नवंबर को आगरा के जीआईसी मैदान में पश्चिमी यूपी का बड़ा दलित सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
पार्टी की ओर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को सम्मेलन में जुटाने की तैयारी की जा रही है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल सुमन ने सम्मेलन को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में दलित समुदाय से जुड़े मुद्दों और उनके अधिकारों पर चर्चा की जाएगी।
पीडीए रणनीति पर सपा का जोर
सपा 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी पीडीए रणनीति को प्रमुखता दे रही है। आगरा में प्रस्तावित सम्मेलन को भी इसी राजनीतिक-संगठनात्मक अभियान के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।
पार्टी की कोशिश पश्चिमी यूपी के अलग-अलग जिलों में दलित संगठनों और समुदाय के लोगों से संपर्क बढ़ाने की है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर बैठकें और जनसंपर्क कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
आगरा पर क्यों है सपा का फोकस?
आगरा में दलित मतदाताओं की महत्वपूर्ण संख्या को देखते हुए सपा इस क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है। पार्टी की ओर से दलित संगठनों के साथ संपर्क कर 15 नवंबर के सम्मेलन में बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है।
सपा के इस अभियान में बहुजन समाज पार्टी के पारंपरिक दलित आधार के बीच अपनी जगह बनाने की कोशिश भी बताई जा रही है। हालांकि, इसका वास्तविक चुनावी प्रभाव 2027 के विधानसभा चुनाव में ही स्पष्ट होगा।
रामजी लाल सुमन ने सरकार पर लगाए आरोप
सपा महासचिव रामजी लाल सुमन ने सम्मेलन की जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर दलित हितों की अनदेखी के आरोप लगाए। उन्होंने प्रदेश में दलितों के खिलाफ अपराध और आरक्षण से जुड़े मुद्दे भी उठाए। ये सपा नेता की राजनीतिक टिप्पणियां और आरोप हैं, जिन्हें पार्टी के दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।
चुनाव से पहले तेज हो रही राजनीतिक गतिविधियां
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। सपा जहां पीडीए के तहत पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है, वहीं पश्चिमी यूपी में अन्य दल भी अपने सामाजिक और क्षेत्रीय आधार को मजबूत करने के लिए कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
आगरा में होने वाला 15 नवंबर का सम्मेलन सपा के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दलित समुदाय के बीच अपनी संगठनात्मक मौजूदगी और राजनीतिक संदेश को सामने रखने का एक प्रमुख कार्यक्रम होगा।

