रांची। झारखंड सरकार ने राज्य की सभी सरकारी ट्रेजरी को पेपरलेस कर दिया है। वित्तीय लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाने और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका को कम करने के उद्देश्य से ट्रेजरी व्यवस्था को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया है।
राज्य में कुल 33 ट्रेजरी हैं, जहां सरकार की ओर से प्राप्तियों और भुगतान से जुड़े वित्तीय लेन-देन का संचालन किया जाता है। ट्रेजरी से संबंधित भुगतान और वित्तीय रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से संचालित करने की दिशा में पहले से ही ई-गवर्नेंस व्यवस्था लागू है।
सरकारी व्यवस्था के पेपरलेस होने से दस्तावेजों के रखरखाव में कागज की निर्भरता कम होगी। साथ ही वित्तीय लेन-देन की डिजिटल निगरानी और रिकॉर्ड की उपलब्धता से गड़बड़ियों की पहचान करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
झारखंड में ट्रेजरी से जुड़े डिजिटल सिस्टम के तहत भुगतान संबंधी आंकड़े ऑनलाइन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वित्त विभाग की वेबसाइट पर सितंबर 2026 के लिए राज्य की 33 ट्रेजरियों का ई-पेमेंट डेटा भी उपलब्ध है।
यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब राज्य की ट्रेजरी व्यवस्था में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर निगरानी और ऑडिट पर जोर बढ़ा है। CAG की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में ट्रेजरी संचालन के लिए KUBER सहित विभिन्न डिजिटल मॉड्यूल पहले से इस्तेमाल किए जाते रहे हैं।
पेपरलेस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी वित्तीय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और रिकॉर्ड-आधारित बनाना है, ताकि भुगतान और अन्य वित्तीय गतिविधियों की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सके।

