पलामू। झारखंड के पलामू जिले में करमा पूजा के समापन पर एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। चैनपुर थाना क्षेत्र के बोकेया गांव के पास कोयल नदी में विसर्जन के दौरान पांच लोग नदी में डूब गए, जिससे उन सभी की जान चली गई। मृतकों में तीन नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब करमा पर्व के पारंपरिक नियम के तहत पेड़ की डाली का विसर्जन किया जा रहा था। विसर्जन के दौरान आठ साल का एक बच्चा नदी के तेज बहाव और गहरे पानी में बहने लगा। बच्चे को डूबता देख उसे बचाने के लिए चार अन्य लोग भी तुरंत नदी में कूद पड़े। हालांकि, पानी का बहाव बेहद तेज और गहराई ज्यादा होने के कारण वे सभी खुद पर नियंत्रण खो बैठे और एक-एक करके नदी में डूब गए।
घटना की खबर मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद सभी पांचों शवों को नदी से बाहर निकाल लिया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने मृतकों की पहचान अमित कुमार ठाकुर (22 वर्ष), नीतीश कुमार सिंह (18 वर्ष), विशाल पासवान (16 वर्ष), राजा सिंह (12 वर्ष) और हेमंत कुमार सिंह (8 वर्ष) के रूप में की है। इनमें से विशाल, राजा और हेमंत नाबालिग थे।
झारखंड में करमा पर्व आदिवासी समाज का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है, जिसमें करमा के पेड़ की डाली की पूजा की जाती है। मंगलवार को पूजा संपन्न होने के बाद बुधवार को विसर्जन की परंपरा निभाई जा रही थी। खुशियों के इस त्योहार के बीच हुए इस भीषण हादसे ने परिजनों और ग्रामीणों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

