रांची: झारखंड की राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र में करमा पूजा का मेला देखकर घर लौट रही एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म और लूटपाट की बेहद संगीन वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। रांची के ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी ने मंगलवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि वारदात में शामिल दो नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है।
कैसे हुई वारदात?
ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी के अनुसार, घटना 22 सितंबर 2026 की रात करीब 12:30 से 01:00 बजे के बीच की है। पीड़िता रातू थाना क्षेत्र की रहने वाली है और करमा पूजा के अवसर पर लगे मेले से लौट रही थी। रात काफी हो चुकी थी और युवती अकेली अपने घर की ओर जा रही थी। जब वह अपनी नानी के घर के पास पहुंचने वाली थी, उससे पहले ही चार आरोपियों ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। आरोपियों ने उसे जबरन सुनसान स्थान पर ले जाने के दौरान उसके साथ मारपीट भी की।
पहचान छिपाने की कोशिश, फिर लूट
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पीड़िता से अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसके कान और आंखों पर जोर से दबाव डाला। आरोपी सुनील मुंडा ने कथित तौर पर उसके कान पर तेजी से दबाव बनाया और इसके बाद उसकी आंखों पर भी दबाव डाला, ताकि वह आरोपियों को देख या पहचान नहीं सके। आरोपी पीड़िता को उसके नानी के घर से लगभग 50 से 100 मीटर दूर ले गए, जहां चारों ने करीब आधे घंटे के भीतर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़िता का मोबाइल फोन और गले में पहनी चेन भी छीन ली। पुलिस के मुताबिक, छीने गए मोबाइल फोन की कीमत करीब 50 से 60 हजार रुपये थी, जिसे आरोपियों ने बाद में दूसरी जगह ले जाकर बेच दिया था।
जांच में सबसे बड़ी चुनौती: पीड़िता नहीं पहचानती थी आरोपियों को
इस मामले की जांच में सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि पीड़िता किसी भी आरोपी को नहीं पहचानती थी। घटना के दौरान न तो वह आरोपियों को ठीक से देख सकी थी और न ही उनकी आवाज पहचान पाई थी। ऐसे में पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचने के लिए प्रत्यक्ष पहचान के बजाय वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच करने की चुनौती थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की, जिसमें डीएसपी मुख्यालय-2 अजय, रातू थाना प्रभारी और थाना के अन्य पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया।
फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों से हुआ उद्भेदन
एसआईटी ने सबसे पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस तथा फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का परीक्षण किया। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया गया। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को सबसे पहले संदीप मुंडा उर्फ रावण के बारे में जानकारी मिली। संदीप चटकपुर का रहने वाला है और उसका पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के अनुसार, संदीप मुंडा पहले सुखदेवनगर थाना कांड संख्या 395/17 में चोरी के मामले में जेल जा चुका था। उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और जांच में मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में खुला राज, चारों की हुई पहचान
संदीप मुंडा को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए सुनील मुंडा समेत दो अन्य लोगों के नाम बताए। जांच में कुल चार लोगों की संलिप्तता सामने आई, जिनमें दो 18 वर्ष से कम उम्र के हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में ग्रामीणों का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। पीड़िता आरोपियों को नहीं पहचानती थी, ऐसे में स्थानीय लोगों से मिली जानकारी, घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्य और तकनीकी जांच को जोड़कर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
एसआईटी की मेहनत और वैज्ञानिक अनुसंधान से मिली सफलता
एसआईटी के सदस्यों ने कई दिनों तक लगातार मेहनत कर मामले की कड़ियां जोड़ीं। पुलिस ने इसे चुनौतीपूर्ण मामला बताते हुए कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान और स्थानीय लोगों के सहयोग से चारों आरोपियों की पहचान की जा सकी। इस मामले में पुलिस की जांच से वारदात की जो तस्वीर सामने आई, उसके अनुसार आरोपियों ने पहले युवती को अकेला देखकर निशाना बनाया, फिर उसे घर के पास से जबरन सुनसान जगह ले गए। पहचान छिपाने के लिए आंखों और कान पर वार किया और सामूहिक दुष्कर्म के बाद मोबाइल और चेन लूटकर फरार हो गए। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और आरोपियों के अन्य संभावित अपराधों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
रांची ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को चिह्नित कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में संदीप मुंडा उर्फ रावण और सुनील मुंडा शामिल हैं, जबकि दो नाबालिगों को बाल संरक्षण कानून के तहत निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी के पास इस मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी हो, तो वह तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस मुख्यालय को सूचित करे। पुलिस का कहना है कि महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई की जाएगी।

