गढ़वा: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार सोमवार को गढ़वा स्थित बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विश्वविद्यालय के गुरूपद संभव राम जी सभागार में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के सामने अवसरों के साथ कई नई चुनौतियां भी हैं। ऐसे में चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना आत्मविश्वास और साहस के साथ करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान और कौशल को जीवन में उपयोगी बनाना है। शिक्षा तभी सार्थक होती है, जब उसका लाभ समाज और राष्ट्र के विकास में दिखाई दे।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से लगातार नई चीजें सीखने और बदलती तकनीक के साथ खुद को अपडेट रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, जैव-प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। युवाओं को इन बदलावों को अवसर के रूप में लेते हुए अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग समाज के लिए करना चाहिए।
शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी
संतोष गंगवार ने कहा कि किसी विद्यार्थी की उपलब्धि केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती। शिक्षित युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे अपने ज्ञान और कौशल का इस्तेमाल समाज की समस्याओं के समाधान और देश की प्रगति के लिए करें।
उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि अब तक हासिल शिक्षा को समाज के हित में इस्तेमाल करने के संकल्प का भी अवसर है।
विद्यार्थियों को मिली उपाधियां
समारोह में विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार 83 छात्र-छात्राओं को डिग्री दी गई, जबकि छह उत्कृष्ट विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और टॉपर सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। संतोष चौबे और गौतम जैन को मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई।
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से डिजिटल शोध पत्रिका का भी विमोचन किया गया। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अपनी आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में विस्तार की बात कही।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी उपलब्धियों और सामाजिक योगदान के माध्यम से बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय की पहचान को आगे बढ़ाएं।

