बोकारो। शहर के कोऑपरेटिव कॉलोनी स्थित एक निजी क्लिनिक में शनिवार सुबह करीब 10 बजे इलाज के दौरान छह महीने के एक बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने चिकित्सक और कंपाउंडर पर भारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए क्लिनिक के बाहर जमकर हंगामा किया। परिजनों के अनुसार, वे अपने बीमार बच्चे को दिखाने डॉ ज्ञानेंद्र के पास पहुंचे थे। डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि बच्चे को निमोनिया हो गया है और उसकी स्थिति गंभीर है। श बच्चे को पांच दिनों तक भाप दिलानी होगी। आरोप है कि डॉक्टर के निर्देश पर कंपाउंडर ने बच्चे को भाप लगाना शुरू किया और साथ ही पर्ची काटने लगा। इसी दौरान अचानक बच्चे की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
जब परिजनों ने बच्चे की अस्वाभाविक स्थिति देखी, तो कंपाउंडर ने उन्हें डॉक्टर को दिखाने के लिए कहा। डॉक्टर ने बच्चे को देखने के बाद कहा कि उसकी स्थिति ठीक नहीं है और इसे ऑक्सीजन की आवश्यकता है, इसलिए किसी अन्य निजी अस्पताल ले जाएं। परिजन जब बच्चे को कोऑपरेटिव कॉलोनी के ही दूसरे अस्पताल ले गए, तो वहां के डॉक्टर ने बताया कि बच्चे का पल्स नहीं चल रहा है और उसे तुरंत वापस पहले वाले डॉक्टर के पास ले जाएं। इसके बाद जब वे दोबारा डॉक्टर ज्ञानेंद्र के पास पहुंचे, तो उन्होंने बच्चे को सदर अस्पताल ले जाने की सलाह दी। सदर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की पहल पर शांत हुआ मामला
बच्चे की मौत से आक्रोशित परिजन शव को लेकर वापस डॉक्टर ज्ञानेंद्र के क्लिनिक पहुंचे और लापरवाही का आरोप लगाते हुए उग्र प्रदर्शन व हंगामा शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी राजीव रंजन दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। डीएसपी और स्थानीय पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
इस संबंध में डीएसपी राजीव रंजन ने बताया कि फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जैसे ही परिजनों की तरफ से लिखित शिकायत दर्ज कराई जाएगी, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

