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अमेरिका की नौकरी छोड़ बोकारो लौटीं रजनी शर्मा, अब महिलाओं को बना रहीं आत्मनिर्भर

बोकारो: झारखंड के बोकारो की रजनी शर्मा की कहानी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली, हैदराबाद और अमेरिका में नौकरी की। हालांकि, स्थानांतरण के कारण उनकी बेटी की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। ऐसे में उन्होंने बेटी का दाखिला बोकारो के स्कूल में कराया और नौकरी छोड़कर अपने शहर लौटने का फैसला किया।

बोकारो के लोहांचल कॉलोनी में रहने वाली रजनी शर्मा ने यहां स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई शुरुआत की। उन्होंने घर पर खाद्य उत्पाद तैयार करने का काम शुरू किया और आसपास की पांच महिलाओं व युवतियों को भी इससे जोड़ा। इस तरह उनका व्यक्तिगत प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल में बदलने लगा।

आम पापड़ और कैंडी से शुरू किया कारोबार

रजनी शर्मा ने आम पापड़, बेल कैंडी और आंवला कैंडी जैसे उत्पाद बनाने का काम शुरू किया। इसके लिए स्थानीय बाजार से आम, बेल और आंवला जैसे कच्चे माल की खरीदारी की जाती है। महिलाओं और युवतियों की मदद से उत्पाद तैयार किए जाते हैं और फिर उनकी पैकेजिंग की जाती है।

उत्पाद तैयार करने के बाद उन्हें बाजार तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती थी। इस समस्या के समाधान के लिए रजनी ने बोकारो के साथ-साथ धनबाद, फुसरो, देवघर और जमशेदपुर के कारोबारियों से संपर्क किया। उनके सहयोग से उत्पादों की बिक्री शुरू हुई। मार्केटिंग के काम के लिए उन्होंने दो लोगों को भी जोड़ा।

इस पहल से न केवल रजनी शर्मा के कारोबार को आगे बढ़ने का अवसर मिला, बल्कि मार्केटिंग और उत्पादन से जुड़े अन्य लोगों के लिए भी आमदनी का रास्ता बना।

महिला उद्यमियों को मिला बाजार का मंच

चास-बोकारो में कई महिलाएं और युवतियां घर पर हस्तनिर्मित कलाकृतियां, सजावटी सामान और खाद्य उत्पाद तैयार करती हैं। लेकिन बाजार तक पहुंच नहीं होने के कारण उनके हुनर को उचित अवसर नहीं मिल पाता था।

इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए रजनी शर्मा ने अन्य महिला उद्यमियों के साथ मिलकर ‘महिला उद्यमी हाट’ शुरू करने की पहल की। इसका उद्देश्य महिलाओं को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने, ग्राहकों से सीधे जुड़ने और बिक्री बढ़ाने का अवसर देना है।

बोकारो के सिटी सेंटर, सेक्टर-4 में आयोजित प्रदर्शनी में नीतू देवी, सुप्रिया कंठ, सुनीता कोठारी, कल्पना देवी, सिंपी अग्रवाल, नेहा वर्णवाल, विवा तिवारी, कविता सिन्हा और प्रेरणा सिंह सहित कई महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया। यहां खाद्य उत्पादों के साथ सजावटी और घरेलू जरूरत के सामान भी प्रदर्शित किए गए तथा उनकी बिक्री की गई।

स्थानीय महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

रजनी शर्मा का मानना है कि स्थानीय स्तर पर प्रतिभा और हुनर की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए उचित मंच मिले। महिला उद्यमी हाट इसी दिशा में एक प्रयास है।

इस पहल से महिलाओं को अपने काम की पहचान बनाने, नए ग्राहकों तक पहुंचने और व्यवसाय को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। रजनी की योजना इस मंच को नियमित रूप से संचालित करने की है, ताकि चास-बोकारो की अधिक से अधिक महिलाएं और युवतियां अपने उत्पादों को बाजार में बेच सकें।

रजनी शर्मा की पहल बताती है कि उद्यमिता केवल अपना व्यवसाय शुरू करने तक सीमित नहीं है। सही अवसर और सहयोग मिलने पर एक व्यक्ति का प्रयास दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन सकता है।

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