पणजी: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गोवा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। रविवार को मडगांव में कांग्रेस की ‘गोंय राखण यात्रा’ में शामिल हुए राहुल गांधी ने चुनावों में कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाया और कहा कि कांग्रेस इस मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
‘वोट चोरी’ को लेकर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कथित तौर पर वोट चोरी को अंजाम देते हैं, अमित शाह इसे लागू कराते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर्दे के पीछे से इसकी योजना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े ऐसे कथित मामलों को स्वीकार नहीं करेगी।
‘45 से अधिक मानहानि के मामले चल रहे’
राहुल गांधी ने अपने खिलाफ चल रहे मानहानि के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि उन पर 45 से अधिक मानहानि के मामले दर्ज हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि वोट चोरी को लेकर बयान देने के बावजूद इस विशेष आरोप पर उनके खिलाफ मानहानि का मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि यदि ऐसा मामला दर्ज होता है, तो पूरी कानूनी प्रक्रिया के दौरान कई सवाल सामने आएंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की अपील
कांग्रेस नेता ने पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनाव के दौरान सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर विपक्षी मतदाताओं के नाम काटे जाते हैं, जबकि अपने समर्थकों के वोट बढ़ाए जाते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ऐसी कथित अनियमितताओं पर नजर रखने और संविधान की रक्षा के लिए सक्रिय रहने को कहा।
‘मोदी, शाह और ज्ञानेश कुमार को जवाब देना होगा’
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार को कथित वोट चोरी के आरोपों पर जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर न्याय सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करती रहेगी।
2027 के गोवा विधानसभा चुनाव पर नजर
कांग्रेस की ‘गोंय राखण यात्रा’ 22 सितंबर 2026 को शुरू हुई थी और 18 अक्टूबर को इसका समापन हुआ। इस अभियान का उद्देश्य गोवा की सभी 40 विधानसभा सीटों तक पहुंचना और राज्य की जमीन, पर्यावरण, सांस्कृतिक विरासत तथा स्थानीय पहचान से जुड़े मुद्दों को उठाना था। आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस इस अभियान के जरिए राज्य में अपना जनाधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

