वडोदरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इस दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के महत्व पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं के लिए आने वाले समय में AI में पारंगत होना बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि भारत की युवा पीढ़ी AI के लिए पूरी तरह तैयार हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI का महत्व केवल IT सेक्टर तक सीमित नहीं है। अलग-अलग क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल करके नए समाधान विकसित किए जा सकते हैं।
खेती से रोबोटिक्स तक AI का बढ़ेगा इस्तेमाल
पीएम मोदी ने कहा कि AI की जानकारी रखने वाला युवा खेती के लिए नए समाधान तैयार कर सकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीक विकसित करने के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग में उत्पादकता बढ़ाने और रोबोटिक्स के क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने के अवसर भी मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि देश को ऐसे युवाओं की जरूरत है, जो AI को समझने के साथ-साथ उसका प्रभावी इस्तेमाल भी कर सकें। प्रधानमंत्री के मुताबिक, सरकार इस दिशा में एक बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी कर रही है।
‘ये समय जीवन में लौटकर नहीं आएगा’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के मौजूदा दौर को युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह भारत की युवा शक्ति के उत्कर्ष का समय है और यह समय दोबारा जीवन में लौटकर नहीं आएगा।
उन्होंने युवाओं से 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। पीएम ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए देश की युवा शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
AI के लिए मजबूत ऊर्जा इकोसिस्टम जरूरी
पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले समय के आधुनिक सेक्टर बड़े पैमाने पर बिजली पर निर्भर होंगे। उन्होंने सोलर, विंड, हाइड्रो और न्यूक्लियर ऊर्जा समेत सभी ऊर्जा क्षेत्रों पर सरकार के फोकस का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि चिप इंडस्ट्री, डेटा सेंटर और AI जैसे क्षेत्रों के लिए बिजली बेहद महत्वपूर्ण है। यदि भारत AI के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनना चाहता है, तो इसके लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना होगा।
डिग्री के साथ स्किल्स पर भी जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती दुनिया के साथ शिक्षा और सीखने के तरीके भी बदल रहे हैं। पहले जहां युवाओं का पूरा ध्यान डिग्री हासिल करने पर रहता था, वहीं अब स्किल्स का महत्व भी तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने युवाओं से ऐसी स्किल्स विकसित करने की अपील की, जिन्हें समय के साथ अपग्रेड किया जा सके। पीएम ने कहा कि सरकार शिक्षा नीति और शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थानों को भी नई जरूरतों के अनुरूप तैयार कर रही है।
मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का भी किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार छात्रों को बेहतर तैयारी का अवसर देने के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आर्थिक बोझ कम करना है।
उन्होंने कहा कि देश के बेहतरीन शिक्षकों के माध्यम से छात्रों को ऑनलाइन मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
रेलवे और फ्रेट कॉरिडोर की उपलब्धियां गिनाईं
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रेलवे के विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद देश में 50 हजार आधुनिक रेलवे कोच बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि मालगाड़ियों के लिए करीब 2,800 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा हो चुका है। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देश के व्यापार और वाणिज्य के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पीएम मोदी के अनुसार, इन कॉरिडोर पर रोजाना 430 से अधिक मालगाड़ियां चल रही हैं। उन्होंने कहा कि माल ढुलाई की गति बढ़ने से देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है।
डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन का उदाहरण
प्रधानमंत्री ने मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) से वडोदरा तक चली डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन का उदाहरण देते हुए कहा कि एक ही ट्रिप में इतनी मात्रा में सामान पहुंचाया गया, जिसे 250 से अधिक ट्रकों के जरिए ले जाना पड़ता।
इसी संदर्भ में पीएम मोदी ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग इस तरह की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ट्रक ड्राइवरों और ट्रक कारोबार के भविष्य को लेकर चिंता जताएंगे। उन्होंने कहा कि देश में आधुनिक परिवहन व्यवस्था का विकास आर्थिक गतिविधियों और लॉजिस्टिक्स की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी है।

