HomeNationalपहले 284वीं रैंक, फिर AIR 69; किसान परिवार की प्रिया रानी ने...

पहले 284वीं रैंक, फिर AIR 69; किसान परिवार की प्रिया रानी ने अब संभाली सासाराम SDM की कमान

सासाराम: बिहार के एक साधारण किसान परिवार से निकलकर IAS अधिकारी बनने वाली प्रिया रानी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से सफलता की मिसाल कायम की है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अच्छी नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी करने वाली प्रिया रानी ने परीक्षा में लगातार दो बार सफलता हासिल की। UPSC 2023 में ऑल इंडिया 69वीं रैंक हासिल करने के बाद उन्हें बिहार कैडर मिला। अब 2024 बैच की IAS अधिकारी के तौर पर उन्होंने रोहतास जिले के सासाराम अनुमंडल में SDM का पद संभाल लिया है।

खबर की बड़ी बातें

  • प्रिया रानी पटना के फुलवारी शरीफ स्थित कुरकुरी गांव की रहने वाली हैं।

  • उनके पिता किसान और मां गृहणी हैं।

  • उन्होंने BIT रांची से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में B.Tech किया।

  • इंजीनियरिंग के बाद बेंगलुरु की मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी मिली।

  • UPSC की तैयारी के लिए उन्होंने नौकरी छोड़कर दिल्ली जाने का फैसला किया।

  • UPSC 2021 में 284वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की।

  • पहली सफलता के बाद उन्हें IDES सेवा आवंटित हुई।

  • UPSC 2023 में AIR 69 हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया।

  • बिहार कैडर मिलने के बाद सासाराम SDM की जिम्मेदारी संभाली।

  • पदभार ग्रहण करने के बाद कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया।

किसान की बेटी ने पढ़ाई में बनाई अलग पहचान

प्रिया रानी का ताल्लुक पटना के फुलवारी शरीफ स्थित कुरकुरी गांव से है। किसान परिवार से आने के बावजूद उनके माता-पिता ने उनकी शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी। प्रिया पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहीं और उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए रांची के प्रतिष्ठित BIT का रुख किया।

यहां से उन्होंने इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की।

मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ चुनी UPSC की राह

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रिया रानी को बेंगलुरु की एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी मिल गई। अच्छी सैलरी वाली नौकरी होने के बावजूद उनके मन में प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा थी।

अपने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी और UPSC की तैयारी करने दिल्ली पहुंचीं। इसके बाद उन्होंने पूरी मेहनत के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।

पहली कोशिश में हासिल की 284वीं रैंक

प्रिया रानी की मेहनत का नतीजा UPSC 2021 में सामने आया। उन्होंने अपने पहले प्रयास में ऑल इंडिया 284वीं रैंक हासिल की। इस सफलता के आधार पर उन्हें इंडियन डिफेंस एस्टेट्स सर्विस (IDES) मिली।

लेकिन उनका लक्ष्य IAS बनना था। इसलिए पहली सफलता के बाद भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और दोबारा UPSC परीक्षा में शामिल हुईं।

दूसरी बार में AIR 69 लाकर पूरा किया IAS बनने का सपना

UPSC 2023 में प्रिया रानी ने पहले से भी बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने ऑल इंडिया 69वीं रैंक हासिल की। इस सफलता के साथ उनका IAS बनने का सपना पूरा हुआ और उन्हें बिहार कैडर आवंटित किया गया।

उनकी यह उपलब्धि बताती है कि पहली सफलता के बाद भी बड़े लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास जारी रखा जाए तो मंजिल हासिल की जा सकती है।

सासाराम में SDM की पहली बड़ी जिम्मेदारी

IAS अधिकारी बनने के बाद प्रिया रानी को रोहतास जिले के सासाराम अनुमंडल में SDM की जिम्मेदारी मिली है। पदभार संभालने के बाद उन्होंने प्रशासन के कामकाज को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट की हैं।

उनका जोर फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने, पारदर्शी प्रशासन देने, कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने पर है।

पदभार संभालते ही स्कूल का किया निरीक्षण

सासाराम SDM की जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रिया रानी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं की पढ़ाई, भोजन और विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

शुरुआती दिनों में ही इस तरह के निरीक्षण से यह संकेत मिलता है कि वह प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ सरकारी संस्थानों की जमीनी स्थिति पर भी नजर रखने को प्राथमिकता दे रही हैं।

संघर्ष से सफलता तक की कहानी

प्रिया रानी की कहानी किसान परिवार की उस बेटी की कहानी है, जिसने सीमित पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद पढ़ाई को अपना हथियार बनाया। इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद निजी क्षेत्र की नौकरी और फिर UPSC की कठिन राह चुनना उनके दृढ़ संकल्प को दिखाता है।

पहले प्रयास में 284वीं रैंक, दूसरी बार AIR 69 और अब सासाराम की SDM की जिम्मेदारी—प्रिया रानी का सफर बिहार के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments