रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने वाहन जब्ती से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि बिहार का शराबबंदी कानून झारखंड राज्य में लागू नहीं हो सकता। कोर्ट ने बिहार के कानून के आधार पर जब्त किए गए वाहन को रिलीज करने का आदेश दिया है।
बिहार के कानून के आधार पर जब्त किया गया था वाहन
मामला उस समय सामने आया जब एक वाहन को बिहार के शराबबंदी एवं उत्पाद कानून का हवाला देते हुए जब्त किया गया था। वाहन मालिक की ओर से इसे छुड़ाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि वाहन को लंबे समय तक जब्त रखे जाने से उसे आर्थिक नुकसान हो रहा है। साथ ही, झारखंड में हुई कार्रवाई के लिए बिहार के कानून को आधार बनाना कानूनी रूप से उचित नहीं है।
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
झारखंड हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि बिहार में लागू कानून को झारखंड में सीधे लागू नहीं किया जा सकता। अदालत ने बिहार के शराबबंदी कानून के आधार पर वाहन को जब्त रखने के फैसले को उचित नहीं माना।
रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित मजिस्ट्रेट ने बिहार के कानून के आधार पर वाहन को रिलीज करने से इनकार किया था। हाई कोर्ट ने इस आधार को कानूनी रूप से गलत मानते हुए वाहन को छोड़ने का निर्देश दिया।
वाहन मालिक को मिली राहत
हाई कोर्ट के आदेश के बाद वाहन मालिक को राहत मिली है। कोर्ट के इस फैसले का मूल आधार यह है कि किसी राज्य का कानून दूसरे राज्य के क्षेत्राधिकार में स्वतः लागू नहीं हो जाता। संबंधित कार्रवाई के लिए उसी राज्य में लागू कानून और उसके अधिकार क्षेत्र को ध्यान में रखना होगा।
यह फैसला अंतरराज्यीय मामलों में कानून के क्षेत्रीय अनुप्रयोग को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

