रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में सामने आ रही दिक्कतों का हवाला देते हुए समयसीमा बढ़ाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों को अभी अपनी आपत्तियां और दावे दर्ज कराने तथा जरूरी दस्तावेज जमा करने का अवसर मिलना बाकी है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में निर्वाचन विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांग रखी। पार्टी नेताओं के मुताबिक, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं को SIR प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने और जरूरी फॉर्म भरने में अलग-अलग तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पर्याप्त समय मिलना जरूरी है, ताकि कोई योग्य मतदाता प्रक्रिया से बाहर न रह जाए।
गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग ने झारखंड में SIR के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाई है। इससे पहले यह समयसीमा 15 सितंबर तक थी। आयोग के मुताबिक, फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 की बड़ी संख्या में प्राप्त हो रही अर्जियों और विभिन्न पक्षों से मिले अनुरोधों को देखते हुए समय बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
आयोग के अनुसार, फॉर्म-6 का इस्तेमाल नए मतदाता के नाम जुड़वाने, फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाने पर आपत्ति दर्ज कराने और फॉर्म-8 के माध्यम से पता बदलने या मतदाता सूची में सुधार के लिए किया जा सकता है। संशोधित मतदाता सूची का प्रकाशन 19 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
कांग्रेस का कहना है कि SIR जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग के स्तर से ही लिया जाएगा।

