नई दिल्ली: दुनिया में तेल की मांग वर्ष 2027 में तेजी से बढ़ने का अनुमान है। तेल निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) के मुताबिक, इस बढ़ोतरी में भारत और एशिया की अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाएं प्रमुख भूमिका निभाएंगी। संगठन ने वैश्विक तेल मांग में वृद्धि का अनुमान ऐसे समय जताया है, जब दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में ऊर्जा की जरूरत लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है।
OPEC ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के दौरान अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक एवं वित्तीय समिति को दिए गए अपने बयान में कहा कि 2027 में वैश्विक तेल मांग लगभग 2.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन बढ़ सकती है। इसके साथ दुनिया में तेल की औसत मांग बढ़कर 108.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन पहुंचने का अनुमान है। वर्ष 2026 में यह औसतन 105.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहने की संभावना जताई गई है।
भारत और एशिया की अर्थव्यवस्थाओं से मिलेगी मांग को गति
OPEC के अनुसार, भारत और एशिया के अन्य देशों में तेल की मांग बढ़ने की प्रमुख वजह आर्थिक गतिविधियों में मजबूती होगी। परिवहन क्षेत्र में ईंधन की जरूरत और पेट्रोकेमिकल उद्योग में कच्चे माल की मांग भी वैश्विक खपत बढ़ाने में योगदान देगी।
संगठन ने कहा कि भारत और एशिया के अन्य देशों के अलावा चीन तथा मध्य पूर्व के देश भी तेल की मांग में होने वाली वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। गैर-OECD अर्थव्यवस्थाओं में आर्थिक विस्तार और बढ़ती ऊर्जा जरूरतों का असर वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई दे सकता है।
2026 में तेल की मांग में धीमी वृद्धि का अनुमान
OPEC ने वर्ष 2026 के लिए वैश्विक तेल मांग में लगभग 0.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन की वृद्धि का अनुमान जताया है। संगठन के मुताबिक, लैटिन अमेरिका और गैर-OECD एशियाई देशों में मांग इस वृद्धि को सहारा देगी। आर्थिक गतिविधियों, आवागमन, हवाई यात्रा और निजी निवेश की स्थिरता भी इसमें योगदान कर सकती है।
गैर-OECD देशों में तेल की मांग 2026 में लगभग 0.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन बढ़कर औसतन 59.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहने का अनुमान है। इसके विपरीत, OECD देशों में मांग लगभग 1.1 लाख बैरल प्रतिदिन घटकर औसतन 46.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह सकती है।
तेल उत्पादन और निवेश भी होंगे अहम
OPEC ने तेल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन क्षमता और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को महत्वपूर्ण बताया है। संगठन के अनुमान के अनुसार, Declaration of Cooperation में शामिल नहीं होने वाले देशों का तरल ईंधन उत्पादन 2026 और 2027, दोनों वर्षों में लगभग 0.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन बढ़ सकता है।
2026 में ब्राजील, अमेरिका, कनाडा और अर्जेंटीना उत्पादन वृद्धि में योगदान दे सकते हैं, जबकि 2027 में कतर, कनाडा, ब्राजील और अर्जेंटीना प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं।
OPEC के मुताबिक, भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और पर्याप्त अतिरिक्त उत्पादन क्षमता बनाए रखने के लिए तेल एवं गैस क्षेत्र में लगातार निवेश जरूरी है।
भारत की आर्थिक वृद्धि पर भी नजर
OPEC ने वैश्विक आर्थिक वृद्धि को लेकर भी अनुमान पेश किया है। संगठन के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 6.6 प्रतिशत और 2027 में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। मजबूत आर्थिक गतिविधियां और ऊर्जा की बढ़ती जरूरत भारत को वैश्विक तेल बाजार के लिए महत्वपूर्ण बनाए रखेंगी।
कुल मिलाकर, OPEC का अनुमान है कि 2027 में वैश्विक तेल मांग को बढ़ाने में भारत और एशिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की बड़ी भूमिका होगी। इससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में मांग, उत्पादन क्षमता और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश पर ध्यान और बढ़ सकता है।

