अजय निराला/उज्जवल दुनिया संवाददाता
हजारीबाग। लाइन होटलों में कथित अवैध कारोबार पर पुलिस की खामोशी कुछ अलग की दास्तां बयां कर रही है। आखिर क्या है गोरखधंधा…। यह बड़ा यक्ष प्रश्न है। दरअसल हजारीबाग जिले के इचाक, पदमा, बरही थाना क्षेत्रों में सड़क किनारे होटल स्थित हैं। भारी मालवाहक वाहन भी आते-जाते हैं, लेकिन इन ठिकानों पर आखिर क्या हो रहा है ? इचाक, पदमा थाना क्षेत्र और बरही बाईपास के आसपास कुछ लाइन होटलों को लेकर स्थानीय स्तर पर उठ रहे आरोपों ने पुलिस की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीजल निकालने से लेकर स्पंज आयरन का अतिरिक्त, रड लदे वाहनों से उतारने और सरिया कटिंग तक की चर्चाएं हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर इन गतिविधियों की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो उनकी जांच और कार्रवाई की स्थिति क्या है? स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि इचाक से लेकर वरही थाना क्षेत्र में स्थित कुछ होटलों सहित कुछ अन्य ठिकानों पर सरिया की कटिंग से संबंधित आरोपों की चर्चा है। चर्चा यह भी है कि पदमा थाना क्षेत्र के देवचंदा मोड़ पर अवैध कारोबार करने वाले एक व्यक्ति ने अब इचाक थाना क्षेत्र में अपना चारागाह बना लिया है। उक्त कारोबार करने वाले व्यक्ति सभी को मैनेज करने की बात खुलेआम कह रहा है।हालांकि, इन प्रतिष्ठानों की संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। जानकार सूत्रों की माने तो इन गोरखधंधे की जानकारी स्थानीय पुलिस को है, लेकिन पुलिस मूकदर्शक की भूमिका में दिख रही है।
भारी वाहन, माल की कटिंग और डीजल निकासी की चर्चा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ सरिया लदे ट्रेलरों से रास्ते में माल उतारे जाने और स्पंज आयरन की ढुलाई के दौरान अतिरिक्त माल अलग करने जैसी गतिविधियां होती हैं। भारी वाहनों से डीजल निकालने की शिकायतें भी चर्चा में हैं। यदि ऐसा हो रहा है, तो यह पता लगाना जरूरी है कि माल कहां उतारा जाता है, किसकी निगरानी में यह सब होता है और इसमें किन लोगों की भूमिका है।
पुलिस की गश्ती के बावजूद सवाल क्यों?
इचाक, पदमा और वरही थाना क्षेत्र में सड़क मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही कोई नई बात नहीं है। ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच उठ रहे आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सवाल यह है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस क्या कदम उठाती है? क्या संबंधित मार्गों पर नियमित जांच होती है? क्या किसी शिकायत के आधार पर छानबीन की गई है? यदि जांच हुई है, तो उसका नतीजा क्या रहा? इन सवालों का जवाब जरूरी है। केवल गश्ती होने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती; शिकायत मिलने पर उसकी जांच और कार्रवाई की जानकारी भी सामने आनी चाहिए।
जांच हो, सच्चाई सामने आए
मामले में पुलिस और संबंधित विभागों को आरोपों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। यदि किसी होटल या व्यक्ति की संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई हो। वहीं, बिना प्रमाण किसी को दोषी ठहराना भी उचित नहीं होगा।फिलहाल इलाके में उठ रही चर्चाओं के बीच सबसे अहम सवाल यही है, क्या इचाक, पदमा और वरही पुलिस इन आरोपों की जांच कर सच्चाई सामने लाएगी, या स्थानीय लोगों के सवाल जवाब के इंतजार में ही रह जाएंगे?
किसी भी अवैध कार्य को पनपने नहीं दिया जाएगाः डीएसपी बरही
बरही डीएसपी राधा प्रेम किशोर ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि मुझे जानकारी नहीं थी। उज्जवल दुनिया ने संज्ञान में दिया है तो होटलों की छानबीन की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र में किसी भी अवैध कार्य को पनपने नहीं दिया जाएगा। अवैध कार्यो में संलिप्त लोगों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


