तंजावुर (तमिलनाडु): तमिलनाडु के तंजावुर जिले के कुंभकोणम में आवारा कुत्तों के झुंड ने एक 75 वर्षीय बुजुर्ग पर हमला कर उसकी जान ले ली। सड़क किनारे सो रहे बुजुर्ग पर 10 से अधिक कुत्तों ने अचानक हमला किया और कई मिनट तक उसे बुरी तरह नोंचते रहे। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान अरियालुर जिले के जयनकोंडम निवासी चिन्नादुरई के रूप में हुई है। बताया गया कि वह पिछले कुछ वर्षों से कुंभकोणम के पलक्कराई-चेन्नई रोड इलाके में रह रहे थे। गुरुवार सुबह 3 सितंबर को वह रोजाना की तरह एक निजी स्कूल के पास अरुलनगर इलाके में सड़क किनारे सो रहे थे। इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्तों ने चिन्नादुरई के चेहरे, हाथ और पैरों समेत शरीर के कई हिस्सों को बुरी तरह काट लिया। करीब तीन मिनट से अधिक समय तक कुत्ते उन्हें नोंचते रहे। अधिक उम्र और शारीरिक अक्षमता के कारण वह खुद को बचाने में असमर्थ थे। सुबह का समय होने के बावजूद काफी देर तक उन्हें मदद नहीं मिल सकी।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे गोपू नाम के एक ऑटो चालक की नजर बुजुर्ग पर पड़ी। उसने देखा कि कुत्तों का झुंड उन्हें लगातार काट रहा है। गोपू ने ऑटो रोककर अन्य लोगों की मदद से कुत्तों को वहां से भगाया और बुजुर्ग को बचाया। इसके बाद 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई और चिन्नादुरई को कुंभकोणम सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, शरीर पर गंभीर चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद कुंभकोणम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें आवारा कुत्तों का झुंड बुजुर्ग पर हमला करता दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर पुलिस घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
ऑटो चालक गोपू ने बताया कि जब उसने बुजुर्ग को कुत्तों से घिरा देखा तो तुरंत ऑटो रोक दिया। उसके मुताबिक, कुत्ते बुजुर्ग को इस तरह खींच रहे थे, जैसे कोई सामान खींच रहे हों। इसके बाद उसने कुछ अन्य लोगों की मदद से कुत्तों को भगाया और घायल बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
इस घटना के बाद इलाके में आवारा कुत्तों को लेकर लोगों में दहशत बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे पैदल चलने वालों, बाइक सवारों और स्थानीय निवासियों को खतरा बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की समस्या पर तत्काल कार्रवाई करने और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

