नई दिल्ली: दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विशेष तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे 11 सितंबर से 7 दिसंबर के बीच छह राज्यों के बीच सीधी स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बना रहा है। इन ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान बार-बार ट्रेन बदलने और अलग-अलग टिकट बुक करने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
नई सीधी ट्रेन सेवाओं का लाभ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के यात्रियों को मिलेगा। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों, छात्रों, परिवारों और अधिक सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है। एक ही ट्रेन से लंबी दूरी तय करने की सुविधा मिलने से कनेक्टिंग ट्रेन छूटने या पहली ट्रेन में देरी होने की चिंता भी कम होगी।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पिछले वर्षों में दक्षिण भारत के शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को कई बार झांसी या भोपाल जैसे स्टेशनों पर ट्रेन बदलनी पड़ती थी। त्योहारों के दौरान इन स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ होने के कारण प्लेटफॉर्म बदलना और कम समय में दूसरी ट्रेन पकड़ना काफी मुश्किल हो जाता था। सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से ऐसे प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों का दबाव कम होने की उम्मीद है।
सीधी ट्रेनों से यात्रियों को एक ही टिकट पर लंबी दूरी की यात्रा करने का विकल्प मिलेगा। इससे उन्हें अलग-अलग ट्रेनों के समय का मिलान करने और कनेक्टिंग सेवाओं के लिए इंतजार करने की जरूरत कम होगी। रेलवे की यह व्यवस्था खासकर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आएगी, जो त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में अपने गृह राज्य या शहर की यात्रा करते हैं।
प्रस्तावित ट्रेन सेवाएं छह राज्यों के कई महत्वपूर्ण शहरों और पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगी। इनमें प्रयागराज का त्रिवेणी संगम, चित्रकूट क्षेत्र, मैहर का शारदा देवी मंदिर, बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात, नागपुर के दीक्षाभूमि और पेंच, ताड़ोबा टाइगर रिजर्व, काजीपेट का हजार स्तंभ मंदिर, सिकंदराबाद का चारमीनार, अनंतगिरी हिल्स, गुंटकल का श्री राघवेंद्र स्वामी मठ, हिंदूपुर का लेपाक्षी मंदिर और बेंगलुरु के नंदी हिल्स व इस्कॉन मंदिर जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं।
इन स्पेशल ट्रेनों में अलग-अलग श्रेणी के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्लीपर, एसी और जनरल कोच लगाए जाएंगे। 19 कोच वाली प्रस्तावित ट्रेनों में नौ स्लीपर क्लास, दो एसी थ्री-टियर, छह जनरल और दो SLR-D कोच शामिल होंगे। इससे अलग-अलग आय वर्ग के यात्रियों को अपनी सुविधा और बजट के अनुसार यात्रा करने का विकल्प मिलेगा।
रेलवे इसके अलावा 4 सितंबर से 30 नवंबर तक करीब 432 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन ट्रिप चलाने की भी तैयारी कर रहा है। इन ट्रेनों का संचालन कृष्ण जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा और अन्य त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किया जाएगा। त्योहारों के समय बड़ी संख्या में लोग अपने गृह जिले और दूसरे शहरों की ओर जाते हैं, ऐसे में अतिरिक्त ट्रेनों से नियमित सेवाओं पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों और स्थानीय लोगों की ओर से लगातार की जा रही मांग को देखते हुए सीधी ट्रेन सेवाओं की योजना तैयार की गई है। रेलवे को उम्मीद है कि इन सेवाओं से त्योहारों के दौरान लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी और ट्रेन बदलने से जुड़ी परेशानियां कम होंगी।

