रांची : विभिन्न मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर होने वाली इस हड़ताल में झारखंड समेत देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे। बैंक यूनियनों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह समेत कई मांगें
बैंक कर्मचारी पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने, पीएलआई भुगतान में विसंगतियां दूर करने और 8 मार्च 2024 को हुए समझौते को लागू करने की मांग कर रहे हैं।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के संयुक्त संयोजक मुनिंद्र लाल सिंह ने कहा कि 8 मार्च 2024 को हुए समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को बैंक कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
‘ब्रिक्स का बहाना न बनाए सरकार’
मुनिंद्र लाल सिंह ने कहा कि सरकार पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने के मामले में ब्रिक्स का हवाला न दे। उनके अनुसार, ब्रिक्स में शामिल देशों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू है।
उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था में कामकाज के समय में 40 मिनट अतिरिक्त देकर समय के समायोजन का प्रस्ताव भी दे चुके हैं। इसके बावजूद मांगों पर सरकार की ओर से टालमटोल की जा रही है।
सितंबर में चार दिन हड़ताल का ऐलान
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने सितंबर में चार दिन अखिल भारतीय हड़ताल का ऐलान किया है। 11, 28, 29 और 30 सितंबर को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे।
यूनियन के संयुक्त संयोजक ने कहा कि अगर इसके बावजूद केंद्र सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो 26 अक्टूबर से बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे। उनका दावा है कि इससे बैंकिंग सेवाएं और कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
झारखंड में करीब 30 हजार कर्मचारी होंगे शामिल
मुनिंद्र लाल सिंह के अनुसार, झारखंड में करीब 30 हजार बैंक कर्मचारी और अधिकारी 11 सितंबर की हड़ताल में शामिल होंगे। राज्य में राष्ट्रीयकृत, निजी, क्षेत्रीय, ग्रामीण और सहकारी बैंकों की 3,200 से अधिक शाखाएं संचालित हैं।
हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी शामिल होंगे। वहीं, निजी बैंकों की सेवाएं इस हड़ताल से प्रभावित नहीं होंगी।

