Wednesday, February 28, 2024
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जेडीयू और लोजपा ने एक

उज्ज्वल दुनिया\पटना । बिहार विधानसभा चुनाव के पहले एनडीए के घटकदल जदयू और लोजपा के बीच शुरू हुई खटास अब और खुलकर सामने आने लगी है। इसी क्रम में बुधवार को दोनों दल के नेताओं ने एक-दूसरे की पार्टी को विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने की चुनौती दे डाली। 

चिराग अभी नीतीश कुमार के सामने बच्चे हैं- सुनील पिंटू

सीतामढ़ी से जदयू सांसद सुनील कुमार पिंटू ने कहा कि लोजपा मन में गलफत में नहीं रहे। अगर उसे कोई गलतफहमी है तो वह अकेले चुनाव लड़के देख ले। समझ में आ जाएगा। उन्होंने लोजपा के इस बयान पर नाराजगी जतायी कि जिसमें कहा गया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ें। 

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार वर्ष 1985 में ही विधानसभा का चुनाव लड़के जीत चुके हैं। उस समय  चिराग पासवान दो-तीन साल के बच्चे थे। नीतीश कुमार पर कोई भी टिप्पणी करने से पहले चिराग पासवान को अपनी हकीकत को भी देख लेनी चाहिए। 

2014 का लोकसभा चुनाव याद कर लें नीतीश- लोजपा 

वहीं लोजपा के प्रवक्ता अशरफ अंसारी ने सुनील कुमार पिंटू पर गहरा ऐतराज जताते हुए कहा कि जदयू वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव याद कर ले। जदयू को हिम्मत है तो वह विधानसभा का चुनाव अकेले लड़के देख ले। जनता जदयू को सबक सिखा देगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के आशीर्वाद से सुनील कुमार पिंटू सांसद बने थे। यह उन्हें नहीं भूलना चाहिए।  

गठबंधन के दूल्हे का ही पता नहीं : जेडीयू 

जदयू प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि राजद में दम नहीं रहा तो तेजस्वी यादव अपने सहयोगी पार्टी के नेताओं को ही तोड़ने लगे हैं। तेजस्वी यादव गठबंधन के स्वयंभू नेता बने हुए हैं। पर, उन्हें नेता मानने के लिए ना तो कांग्रेस तैयार है और ना ही रालोसपा। गठबंधन से सारी पार्टियां अलग होती जा रही हैं। आलम यह है कि चुनाव आने वाला है और गठबंधन का दूल्हा कौन होगा, यह भी तय नहीं है। यह तेजस्वी यादव का दोष नहीं है। तेजस्वी यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद से यह शिक्षा ली है, जो चाहते थे कि सभी उन्हीं को नेता माने। यही वजह रही थी जनता दल में टूट हुई थी। आज तेजस्वी यादव भी उसी नक्शे कदम पर चल रहे हैं। लोकतंत्र देखना है तो जदयू में देखिए। नीतीश कुमार लगातार लोगों से मिल रहे हैं। जो चुनाव लड़ने की चाहत रखते हैं, उनकी बातों को सुन रहे हैं। साथ ही जिन्हें अपने उम्मीदवार से या फिर वर्तमान विधायक से शिकायत है उनकी भी बात सुन रहे हैं।  

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