हजारीबाग/जींद: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने इतिहास रच दिया है। हजारीबाग की साई सेंटर में प्रशिक्षित कीर्ति शर्मा ने अंकिता भकत और कुमकुम मोहोड़ के साथ मिलकर दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर भारत को इस स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक दिलाया। जापान से स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं कीर्ति शर्मा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सफलता पिछले चार सालों की अथक मेहनत और कोच उधम सिंह के बेहतर मार्गदर्शन का परिणाम है।
दक्षिण कोरिया का 28 साल का वर्चस्व तोड़ा
भारतीय महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया की सात लगातार खिताबों की हैट्रिक को समाप्त किया। कोरियाई टीम ने 1998 के बैंकॉक एशियन गेम्स के बाद से इस स्पर्धा में लगातार सात स्वर्ण पदक जीते थे। फाइनल में पहले दो सेट 54-54 और 56-56 से बराबर रहे। तीसरे सेट में भारत ने 55-51 से बढ़त बनाई और चौथे सेट में कोरिया ने 54 स्कोर किया, लेकिन 17 वर्षीय कुमकुम के अंतिम तीर के 10 से भारत ने मैच अपने नाम कर लिया।
‘बेहतर प्रशिक्षण और माहौल का नतीजा’
जापान से अपनी खुशी जाहिर करते हुए कीर्ति शर्मा ने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण और माहौल के कारण देश को तीरंदाजी में स्वर्ण पदक मिला है। उन्होंने इसका पूरा श्रेय अपने कोच उधम सिंह और भारतीय खेल प्राधिकरण को दिया। कीर्ति ने कहा, “पिछले 4 सालों के अथक परिश्रम और लगन तपस्या का ही परिणाम है कि गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ है।” उन्होंने पूरे देशवासियों से मिले अपार प्रेम के लिए धन्यवाद भी जताया।
हजारीबाग में 2022 से ले रही थीं प्रशिक्षण
कीर्ति शर्मा ने 13 जून 2022 को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) प्रशिक्षण केंद्र, पदमा हजारीबाग में प्रवेश लिया था। यहीं पर कोच उदयम सिंह के मार्गदर्शन में उन्होंने तीरंदाजी के तकनीकी पहलुओं पर काम किया। हजारीबाग में प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने शरीर के संरेखण, धनुष-भुजा की स्थिरता और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया। एशियन गेम्स से पहले कीर्ति ने 2026 एशिया कप में थाईलैंड में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था।
किसान परिवार की बेटी, पिता ने लिया था 60 हजार का कर्ज
कीर्ति शर्मा हरियाणा के जींद जिले के रिटोली गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता विजय कुमार खेती करते हैं और परिवार की आजीविका करीब तीन एकड़ जमीन पर निर्भर है। 2022 में जब कीर्ति को रिकर्व बो की जरूरत थी, तो पिता ने आढ़ती से 60,000 रुपये कर्ज लेकर बेटी के लिए धनुष खरीदा था। कीर्ति ने 15 साल की उम्र में तीरंदाजी खेलना शुरू किया था, जब वे आठवीं कक्षा में थीं और पिल्लूखेड़ा के एफएस कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ रही थीं।
मां ने बताया संघर्ष का किस्सा
कीर्ति की मां गुड्डी देवी ने बताया कि परिवार ने बेटी के प्रशिक्षण के लिए कई त्याग किए। उन्होंने कहा, “मेरे पति विजय अपने माता-पिता की एकमात्र संतान और परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। उनकी छह बहनें हैं और हमें 27 भतीजे-भतीजियों की शादियों में शामिल होने और योगदान देने की पारंपरिक जिम्मेदारी निभानी पड़ती है।” उन्होंने आगे कहा, “मेरा छह महीने पहले गर्भाशय का ऑपरेशन हुआ था, लेकिन परिवार ने मेरी स्वास्थ्य समस्याओं को कीर्ति के प्रशिक्षण को प्रभावित नहीं होने दिया।”
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंकिता भकत, कुमकुम अनिल मोहोड़ और कीर्ति शर्मा को एशियन गेम्स में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा, “अंकिता भकत, कुमकुम अनिल मोहोड और कीर्ति को एशियन गेम्स में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई।”

