नई दिल्ली: देश में मानसून अब धीरे-धीरे वापसी की ओर बढ़ रहा है, लेकिन कई राज्यों में बारिश का दौर अभी जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 19 सितंबर 2026 को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापसी शुरू कर दी है। हालांकि, देश के कई हिस्सों में मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, ओडिशा में 20 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 22 सितंबर को बहुत भारी और 23-24 सितंबर को कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट
IMD के मुताबिक, ओडिशा में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने वाला है। 20 और 21 सितंबर को गरज-चमक और आंधी की स्थिति बन सकती है। वहीं 22 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और तेज हवाओं के कारण परेशानी बढ़ सकती है। लोगों को मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
यूपी में 20 सितंबर को IMD का क्या अलर्ट?
IMD के 20 सितंबर के अपडेट में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई चेतावनी दर्ज नहीं की गई है। 19 सितंबर के बुलेटिन में दोनों क्षेत्रों के लिए भारी बारिश तथा गरज-चमक की चेतावनी थी, लेकिन 20 सितंबर से आगे के लिए उस अपडेट में कोई चेतावनी नहीं है।
इसलिए 20 सितंबर के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में येलो अलर्ट होने का दावा करने से बचना चाहिए।
मानसून की वापसी शुरू
IMD ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापसी शुरू कर दी है। मानसून की वापसी चरणबद्ध तरीके से होती है और इसके लिए बारिश की गतिविधि में कमी, निचले वायुमंडल में एंटीसाइक्लोनिक स्थिति और नमी में कमी जैसे मानकों को देखा जाता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि देश के सभी हिस्सों से मानसून तुरंत विदा हो जाएगा। कई राज्यों में मानसून से जुड़ी बारिश कुछ समय तक जारी रह सकती है।
मौसम विभाग के अपडेट पर रखें नजर
20 सितंबर के लिए IMD के आधिकारिक पूर्वानुमान में अलग-अलग राज्यों में मौसम की स्थिति अलग है। इसलिए किसी एक राज्य के अलर्ट को पूरे देश पर लागू मानना सही नहीं होगा। खासकर ओडिशा में आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।

