वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत की कोशिशें जारी हैं। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज किए गए फंड की रिहाई पर विचार कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए तेहरान को परमाणु मुद्दे पर ठोस प्रगति करनी होगी।
• परमाणु मुद्दे पर ठोस प्रगति जरूरी
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, किसी संभावित समझौते के लिए ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने होंगे। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत मध्यस्थों के जरिए आगे बढ़ रही है।
• प्रतिबंधों में राहत की खबर पर ट्रंप ने किया इनकार
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिका परमाणु मुद्दे पर रियायतों के बदले ईरान को प्रतिबंधों से राहत देने और फ्रीज फंड जारी करने को तैयार है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने ईरान को ऐसी कोई पेशकश नहीं की है।
• कतर के जरिए जारी है बातचीत
अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत में कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कतर के मध्यस्थों के साथ बातचीत की पुष्टि की है। उनका कहना है कि ईरान की ओर से रखे गए प्रस्ताव पर अमेरिकी पक्ष के जवाब का इंतजार है।
• दोनों पक्षों की प्राथमिकताएं अलग
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंधों और ठोस प्रतिबद्धताओं को बातचीत का प्रमुख मुद्दा बना रहा है। वहीं ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और अमेरिकी नाकाबंदी हटाने जैसे मुद्दों पर जोर दिया जा रहा है। परमाणु मुद्दे पर कदम उठाने के समय और दोनों पक्षों की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी मतभेद बने हुए हैं।
• समझौते की राह में अभी कई अड़चनें
मध्यस्थों के प्रयासों के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बनी है। अमेरिकी पक्ष परमाणु मुद्दे को समझौते की अहम शर्त मान रहा है, जबकि ईरान आर्थिक दबाव और अन्य प्रतिबंधों से राहत से जुड़े मुद्दों को भी बातचीत में प्रमुखता दे रहा है।

