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ट्रंप की ड्रग्स सूची में भारत-चीन समेत 23 देश, PM मोदी के प्रयासों की भी तारीफ

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन और पाकिस्तान समेत 23 देशों को वित्त वर्ष 2027 के लिए ‘मेजर ड्रग ट्रांजिट या मेजर इलिसिट ड्रग प्रोड्यूसिंग कंट्रीज’ की सूची में शामिल किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस सूची को 15 सितंबर को कांग्रेस के सामने रखा। इसी निर्धारण में ट्रंप ने अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने और ड्रग्स की सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रयासों की सराहना भी की है।

भारत के ड्रग्स विरोधी प्रयासों की ट्रंप ने की तारीफ

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच ड्रग्स नीति को लेकर सहयोग जारी रखने की उम्मीद है। उन्होंने भारत में अवैध अफीम की खेती रोकने और सप्लाई चेन की निगरानी मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार के प्रयासों का स्वागत किया।

अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, भारत को इस सूची में शामिल किया गया है, लेकिन उसे उन चार देशों में शामिल नहीं किया गया है जिन्हें पिछले 12 महीनों में अंतरराष्ट्रीय काउंटर-नारकोटिक्स दायित्वों के पालन में पर्याप्त प्रयास न करने वाला बताया गया है।

सूची में शामिल होने का मतलब क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्धारण में स्पष्ट किया गया है कि किसी देश को ‘मेजर ड्रग ट्रांजिट’ या ‘मेजर इलिसिट ड्रग प्रोड्यूसिंग’ देश की सूची में रखने का आधार केवल वहां की सरकार की नीतियां नहीं हैं।

अमेरिकी निर्धारण के अनुसार प्रमुख आधार:

  • किसी देश की भौगोलिक स्थिति।
  • व्यापारिक और आर्थिक परिस्थितियां।
  • अवैध ड्रग्स की आवाजाही के संभावित रास्ते।
  • ड्रग्स या प्रतिबंधित रसायनों के उत्पादन और ट्रांजिट से जुड़ी परिस्थितियां।
  • सूची में शामिल होना अपने-आप में सरकार की ईमानदारी या उसके प्रयासों पर फैसला नहीं है।

23 देशों की सूची में कौन-कौन शामिल?

अमेरिकी राष्ट्रपति के 2027 के निर्धारण में शामिल 23 देशों के नाम हैं:

अफगानिस्तान, बहामास, बेलीज, बोलीविया, बर्मा, चीन, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन रिपब्लिक, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, भारत, जमैका, लाओस, मैक्सिको, निकारागुआ, पाकिस्तान, पनामा, पेरू और वेनेजुएला।

चार देशों को काउंटर-नारकोटिक्स प्रयासों में विफल बताया

अमेरिकी निर्धारण में 23 देशों में से अफगानिस्तान, बोलीविया, बर्मा और कोलंबिया को पिछले 12 महीनों में अंतरराष्ट्रीय काउंटर-नारकोटिक्स दायित्वों के तहत पर्याप्त प्रयास नहीं करने वाले देशों के रूप में अलग से चिन्हित किया गया है।

भारत, चीन और पाकिस्तान इस अलग श्रेणी में शामिल नहीं हैं।

फेंटानिल और सिंथेटिक ड्रग्स पर चीन से सख्त कार्रवाई की मांग

ट्रंप ने चीन से फेंटानिल, मेथामफेटामाइन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की अवैध आपूर्ति रोकने के लिए कदम उठाने की अपील की है।

अमेरिकी राष्ट्रीय ड्रग नियंत्रण रणनीति में भी चीन सहित विभिन्न देशों के साथ ड्रग्स और प्रीकर्सर केमिकल्स की अवैध सप्लाई रोकने के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने चीन से जुड़े इस मुद्दे को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने भी उठाया है।

अमेरिका में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई का दावा

ट्रंप ने अपने प्रशासन की ड्रग्स तस्करी और नार्कोटेररिस्ट संगठनों के खिलाफ कार्रवाई का भी उल्लेख किया। व्हाइट हाउस ने हाल में कहा है कि प्रशासन ने सीमा सुरक्षा बढ़ाने और फेंटानिल समेत अवैध ड्रग्स की तस्करी रोकने को प्राथमिकता दी है।

व्हाइट हाउस के अनुसार, प्रशासन ने फेंटानिल तस्करी और उससे जुड़ी मौतों में कमी का दावा किया है। हालांकि, ये आंकड़े अमेरिकी प्रशासन द्वारा प्रस्तुत किए गए दावे हैं।

भारत-अमेरिका ड्रग नीति सहयोग पर जोर

अमेरिका की 2026 की राष्ट्रीय ड्रग नियंत्रण रणनीति में भारत के साथ काउंटर-ड्रग सहयोग को भी महत्व दिया गया है। रणनीति में अवैध ड्रग्स और प्रीकर्सर केमिकल्स की सप्लाई को नियंत्रित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाने की बात कही गई है।

इस तरह ताजा अमेरिकी निर्धारण में भारत को एक तरफ प्रमुख ड्रग ट्रांजिट या अवैध ड्रग उत्पादन वाले देशों की सूची में रखा गया है, वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार के अवैध अफीम की खेती रोकने के प्रयासों का सकारात्मक उल्लेख भी किया गया है।

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