गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय से स्थित मात्र दो किलोमीटर दूरी, फिर भी विकास से कोसों दूर फलस्वरूप कुकुर सेपटा गांव,के ग्रामीणों ने खुद संभाला विकास का मोर्चा, गुमला जिला अंतर्गत स्थित रायडीह प्रखंड के नवागढ़ पंचायत अंतर्गत कुकुर सेपटा गांव का बदहाल सड़क और जलनिकासी की समस्याओं से जूझ रहे संबंधित परेशान और बदहाल ग्रामीणों ने सरकारी विकास की बाट जोहने के बजाय स्वंय अपनी कमर कसते हुए और सरकारी पहल का इंतजार करना छोड़कर अपने स्वंय श्रमदान की शुरुआत करते हुए उक्त. ग्रामीणों ने नाली निर्माण कर चल निकासी और सड़क को चलने लायक बनाने का प्रयास करते हुए अपने गांव और मुख्य सड़क यानी नेशनल हाईवे मुख्य सडक से महज दो किलोमीटर दूर है, लेकिन बरसात में उक्त सड़क की स्थिति बेहद खराब और बद से बत्तर हो जाती है.और फलस्वरुप गांव तक के आने जाने का रास्ता बाधित हो जाता है, और बरसात के मौसम में विशेष कर स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों को अस्पताल तक पहुंचाने में भी काफी परेशानी और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, साथ ही साथ बारिश के मौसम में उक्त गांव का संपर्क भी लगभग कट जाता है. फलस्वरूप उक्त गांव के ग्रामीणों ने सर्व सम्मति से निर्णय लेते हुए अपना गांव अपना विकास के मूल मंत्र को ले कर सभी ग्रामीणों द्वारा श्रमदान करने की सूचना पा कर पंचायत समिति के सदस्य हिमांशु कुमार उक्त मौके पर पहुंचे और उक्त श्रमदान कार्यक्रम में स्वंय भाग लेते हुए ने अपना श्रमदान किया और ग्रामीणों का उत्साह वर्धन करते हुए उन्होंने श्रमदान स्थल पर उपस्थित सभी ग्रामीणों को उक्त गांव की सड़क सहित अन्य समस्याओं को लेकर गुमला उपायुक्त और बीडीओ को उक्त संबंध में कई बार जानकारी देने की बात बताते हुए उन्होंने यह भी पबताया कि उक्त जानकारी देने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया हैं, उन्होंने यह दावा किया कि पिछले करीब चार वर्षों से उक्त गांव के सड़क निर्माण सहित विभिन्न योजनाओं को पंचायत समिति की बैठकों में भी उक्त सभी समस्याओं को शामिल कराने का मैं प्रयास कर रहा हूं, लेकिन उक्त योजनाओं को अब तक स्वीकृति नहीं मिल सकी हैं, उन्होंने ग्रामीणों को उक्त सड़क निर्माण का भी आश्वासन दिया, गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने इस संबंध में कहाकि उक सड़क की स्थिति की जानकारी है और प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है. करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर इतनी लंबी सड़क का निर्माण करना मुश्किल है, इसलिए ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से प्रस्ताव भेजा गया है. स्वीकृति मिलते ही सड़क निर्माण कराया जाएगा. डीसी ने माना कि सड़क की स्थिति खराब हैं l जिसके कारण ग्रामीणों को काफी कठिनाई हो रही है, अतः प्रशासन उक्त समाधान के लिए प्रयासरत है.
सड़क और जल निकासी से परेशान ग्रामवासियों ने श्रमदान कर बनाया सड़क और जल निकासी के लिए नाली
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