नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ के निर्माताओं के बीच कानूनी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को फिल्म के निर्माता अमित जानी की याचिका पर सलमान खान से जवाब मांगा है। निर्माता ने अदालत से सलमान खान की ओर से फिल्म की रिलीज के खिलाफ दायर मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की है।
मामले की सुनवाई जस्टिस अनूप जयराम भंभानी के समक्ष हुई। निर्माता पक्ष का कहना है कि सलमान खान पहले ही इसी फिल्म और अपने व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े विवाद को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा चुके हैं। ऐसे में समान मुद्दों पर दो अलग-अलग कार्यवाहियां चलना समानांतर मुकदमेबाजी की स्थिति पैदा कर सकता है।
क्या है ‘काला हिरण’ फिल्म का विवाद?
फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ को सलमान खान से जुड़े 1998 के काले हिरण शिकार मामले की पृष्ठभूमि से जोड़ा जा रहा है। सलमान खान का पक्ष है कि फिल्म और उसकी प्रचार सामग्री में उनकी पहचान तथा व्यक्तित्व से जुड़े ऐसे संदर्भ इस्तेमाल किए गए हैं, जिनसे उनके पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स प्रभावित होते हैं।
सलमान खान ने फिल्म की रिलीज और प्रचार पर रोक लगाने की मांग की है। उनकी ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि फिल्म से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं फिल्म के निर्माता अमित जानी का कहना है कि ‘काला हिरण’ सलमान खान की बायोपिक नहीं है।
मेकर्स ने केस की सुनवाई रोकने की मांग क्यों की?
निर्माता अमित जानी की याचिका का मुख्य आधार यह है कि सलमान खान पहले ही अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा को लेकर मुकदमा दायर कर चुके हैं। निर्माता पक्ष के मुताबिक, उस मामले में 11 दिसंबर 2025 को एकतरफा अंतरिम आदेश भी पारित किया गया था। बाद में सलमान खान ने विशेष रूप से ‘काला हिरण’ फिल्म की रिलीज के खिलाफ अंतरिम राहत की मांग की।
मेकर्स का तर्क है कि फिल्म की रिलीज, टीजर, प्रमोशनल सामग्री और कथित पर्सनैलिटी/पब्लिसिटी राइट्स से जुड़े मुद्दे पहले से लंबित कार्यवाही से काफी हद तक जुड़े हुए हैं। इसलिए एक ही विवाद को लेकर दो समानांतर मुकदमों की सुनवाई से बचना चाहिए।
हाईकोर्ट पहले भी टीजर हटाने का आदेश दे चुका है
इस विवाद में जुलाई 2026 में भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ था। 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट की एक समन्वय पीठ ने फिल्म के टीजर और उससे जुड़े कुछ सोशल मीडिया पोस्ट को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने का अंतरिम आदेश दिया था। यह आदेश सलमान खान की आपत्ति के बाद आया था।
अदालत के उस अंतरिम आदेश में फिल्म निर्माताओं को बिना अनुमति सलमान खान के नाम, उनकी बोलने की शैली और पहचान से जुड़े विशिष्ट गुणों के व्यावसायिक इस्तेमाल से संबंधित आपत्ति का सामना करना पड़ा।
सलमान खान ने फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की है
सलमान खान की ओर से दायर मुकदमे में फिल्म की रिलीज, स्ट्रीमिंग और प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की गई है। इसके अलावा फिल्म के टीजर और प्रचार सामग्री को हटाने तथा कथित आपत्तिजनक सामग्री पर कार्रवाई की मांग भी की गई है। सितंबर में सामने आई अदालत की कार्यवाही के अनुसार, सलमान खान ने फिल्म निर्माताओं से जुड़े कई पक्षों को मामले में प्रतिवादी बनाया है।
रिपोर्टों के मुताबिक, अभिनेता ने कथित मानहानिकारक सामग्री को लेकर माफी और क्षतिपूर्ति की मांग भी की है। हालांकि इन मांगों पर अंतिम न्यायिक फैसला अभी नहीं आया है।
फिल्म निर्माता अमित जानी का क्या कहना है?
निर्माता अमित जानी लगातार यह पक्ष रखते रहे हैं कि ‘काला हिरण’ सलमान खान की बायोपिक नहीं है। निर्माताओं का तर्क है कि सार्वजनिक रूप से चर्चित घटनाओं को फिल्म की कहानी का हिस्सा बनाए जाने मात्र से किसी व्यक्ति के पर्सनैलिटी राइट्स का स्वतः उल्लंघन नहीं माना जा सकता।
अमित जानी ने यह भी कहा है कि फिल्म को लेकर अभी बहुत सीमित सामग्री ही सार्वजनिक की गई है और फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं है।
अभी रिलीज नहीं हुई है फिल्म
फिल्म निर्माताओं ने अदालत में बताया है कि ‘काला हिरण’ अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं है और इसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से प्रमाणपत्र भी नहीं मिला है। रिपोर्टों के मुताबिक, फिल्म का ट्रेलर भी अभी रिलीज नहीं किया गया है।
यानी फिलहाल विवाद फिल्म की वास्तविक रिलीज से ज्यादा उसके टीजर, पोस्टर, प्रचार सामग्री और उससे जुड़े कानूनी अधिकारों को लेकर है।
पर्सनैलिटी राइट्स बना विवाद का मुख्य मुद्दा
इस पूरे मामले में पर्सनैलिटी राइट्स और पब्लिसिटी राइट्स सबसे महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दों में शामिल हैं। किसी सार्वजनिक व्यक्ति के नाम, छवि, पहचान, आवाज या उसकी विशिष्ट पहचान से जुड़े तत्वों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कानूनी सुरक्षा का सवाल ऐसे मामलों में उठता है।
सलमान खान का पक्ष है कि उनकी पहचान और प्रतिष्ठा का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना ऐसे तरीके से नहीं किया जाना चाहिए जिससे उनकी छवि प्रभावित हो। दूसरी ओर, फिल्म निर्माता पक्ष अपने रचनात्मक अधिकारों और सार्वजनिक रूप से चर्चित घटनाओं को फिल्म में प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता का तर्क दे रहा है।
अब आगे क्या होगा?
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जारी नोटिस के बाद अब सलमान खान को निर्माता की याचिका पर अपना जवाब देना होगा। इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि क्या इस मामले की कार्यवाही को रोकने का निर्माता का अनुरोध स्वीकार किया जाना चाहिए या नहीं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि 6 अक्टूबर 2026 का ताजा आदेश केवल नोटिस जारी करने से संबंधित है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि अदालत ने फिल्म को रिलीज करने की अनुमति दे दी है या सलमान खान की याचिका खारिज कर दी है। विवाद पर अंतिम निर्णय आगे की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

