रांची। विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव गणेश चतुर्थी का पर्व सोमवार को रांची समेत देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर में जगह-जगह गणपति की पूजा-अर्चना की गई और श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे लगाए। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के आवास पर भी पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ भगवान गणेश की पूजा की गई।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के आवास पहुंचे और विधि-विधान से भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद राज्यपाल ने प्रदेश और देशवासियों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत की विशेषता यह है कि यहां लोग किसी भी पर्व और त्योहार के मौके पर केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश और समाज के कल्याण की कामना करते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि गणेश चतुर्थी विशेष रूप से महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर मनाई जाती है, लेकिन अब देश के दूसरे हिस्सों में भी इस पर्व को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिलता है। इस अवसर पर रांची की मेयर रोशनी खलखो सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
राजधानी में 14 से 20 सितंबर तक गणपति पूजन उत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गणेश पूजा को लेकर मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। पूरे वातावरण में भक्ति और उत्सव का माहौल बना हुआ है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। भगवान गणेश को बुद्धि, समृद्धि, सौभाग्य और सफलता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा से गणेश जी की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और बाधाएं दूर होती हैं।
गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाने की विशेष परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मोदक भगवान गणेश को प्रिय है, इसलिए श्रद्धालु पूजा के दौरान मोदक अर्पित करते हैं और बाद में इसे प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। इसके अलावा गणेश जी को दूर्वा दल चढ़ाने की भी परंपरा है।
हिंदू धार्मिक परंपरा में भगवान गणेश की पूजा को विशेष महत्व दिया गया है। किसी भी शुभ कार्य या धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत गणेश पूजन से करने की परंपरा है। इसी कारण गणेश चतुर्थी के अवसर पर श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

