रांची: राजधानी रांची में शुक्रवार को खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी देखने को मिला। तेज बारिश, हवाओं और खराब दृश्यता के कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कई उड़ानों का परिचालन प्रभावित हुआ। कुछ विमान निर्धारित समय पर लैंड नहीं कर सके, जबकि कई उड़ानों को रद्द या डायवर्ट करना पड़ा।
26 उड़ानें रद्द
रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को रांची एयरपोर्ट से करीब 44 उड़ानों के संचालन का कार्यक्रम था। इनमें से 26 उड़ानें रद्द कर दी गईं। एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार के अनुसार, खराब मौसम के कारण इंडिगो की 24 उड़ानें प्रभावित हुईं, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस की दो उड़ानें परिचालन संबंधी कारणों से रद्द हुईं। इसके अलावा तीन उड़ानों को डायवर्ट किया गया।
रद्द होने वाली उड़ानों में रांची से दिल्ली, पटना, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, कोलकाता, मुंबई और पुणे जैसे शहरों के बीच संचालित सेवाएं शामिल थीं। इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह से ही प्रभावित रहा विमान परिचालन
शुक्रवार सुबह तेज बारिश और हवा के कारण रांची आने वाली कई उड़ानें निर्धारित समय पर लैंड नहीं कर सकीं। रिपोर्ट के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे तक कई विमान रांची के ऊपर चक्कर लगाते रहे। पुणे, कोलकाता, मुंबई और दिल्ली से आने वाली उड़ानों के समय में देरी हुई।
कुछ उड़ानों को मौसम साफ नहीं होने के कारण दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। इनमें वाराणसी और कोलकाता की ओर डायवर्ट की गई उड़ानें भी शामिल थीं।
लखनऊ भी डायवर्ट हुईं रांची जाने वाली उड़ानें
रांची में खराब मौसम के कारण बेंगलुरु और दिल्ली से आने वाली इंडिगो की दो उड़ानों को लखनऊ डायवर्ट किया गया। बेंगलुरु-रांची उड़ान 6E221 लखनऊ में उतरी, जबकि दिल्ली-रांची उड़ान 6E5023 को भी लखनऊ भेजा गया। इसके अलावा लखनऊ से रांची जाने वाली एक उड़ान रद्द कर दी गई।
मौसम विभाग ने जारी किया था अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची-कांके केंद्र के अनुसार 25 सितंबर को रांची में सामान्य रूप से बादल छाए रहने और बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना थी। विभाग ने गरज, बिजली और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी थी। 26 सितंबर को भी बारिश/गरज के साथ बौछार और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं का पूर्वानुमान है।
खराब मौसम और कम दृश्यता की स्थिति में विमानों की सुरक्षित लैंडिंग प्रभावित हो सकती है। ऐसे में एयरपोर्ट और एयरलाइंस की ओर से मौसम की स्थिति के आधार पर उड़ानों में देरी, रद्दीकरण या डायवर्जन का फैसला लिया जाता है।

