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मोदी सरकार का बड़ा कदम: अब चुटकियों में पास होगा आयुष्मान भारत का इंश्योरेंस क्लेम, लॉन्च हुए कई डिजिटल टूल्स

नई दिल्ली: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत स्वास्थ्य बीमा क्लेम के निपटारे को अधिक तेज और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने नया कदम उठाया है। केंद्र ने AB PM-JAY के क्लेम के ऑटो-अडजुडिकेशन के लिए डिजिटल फ्रेमवर्क लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य क्लेम की जांच और निपटारे की प्रक्रिया में तकनीक, डेटा और ऑटोमेशन का इस्तेमाल बढ़ाना है।

क्लेम निपटारे में कम होगा मैनुअल काम

नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के अनुसार, AB PM-JAY के तहत बड़ी संख्या में अस्पतालों और उपचार पैकेजों से जुड़े क्लेम प्रोसेस किए जाते हैं। ऐसे में क्लेम की जांच में ऑटोमेशन का इस्तेमाल करने से मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता कम करने और प्रोसेसिंग को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है।

इससे क्लेम के दस्तावेजों की जांच, निर्धारित मानकों के अनुरूप उपचार की पुष्टि और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा।

AI और डेटा एनालिटिक्स का होगा इस्तेमाल

नए सिस्टम की दिशा में NHA पहले ही AI आधारित तकनीकों पर काम कर रहा है। मई 2026 में आयोजित AB PM-JAY Auto-Adjudication Hackathon में ऐसे समाधान विकसित किए गए थे, जो मेडिकल दस्तावेजों का विश्लेषण, Standard Treatment Guidelines के अनुरूपता की जांच, रेडियोलॉजी रिपोर्ट और इमेज का मिलान तथा फर्जी दस्तावेजों और डीपफेक की पहचान करने में मदद कर सकते हैं।

NHA के मुताबिक AB PM-JAY के तहत रोजाना करीब 50 हजार क्लेम प्रोसेस होते हैं और योजना में 1,900 से अधिक ट्रीटमेंट पैकेज शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में क्लेम के कारण ऑटोमेशन को क्लेम मैनेजमेंट को अधिक कुशल बनाने के एक महत्वपूर्ण माध्यम के तौर पर देखा जा रहा है।

पारदर्शिता और एकरूपता पर जोर

ऑटो-अडजुडिकेशन फ्रेमवर्क का एक प्रमुख उद्देश्य क्लेम के मूल्यांकन में अधिक consistency, transparency और efficiency लाना है। तकनीकी सिस्टम तय मानकों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर क्लेम की प्रारंभिक जांच में मदद करेगा।

हालांकि, स्वास्थ्य बीमा क्लेम में तकनीक के इस्तेमाल के साथ मानवीय और चिकित्सकीय निगरानी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। AI आधारित सिस्टम का उद्देश्य क्लेम प्रक्रिया को मजबूत करना है, न कि हर मामले में मानवीय विशेषज्ञता को पूरी तरह समाप्त करना।

60 करोड़ से अधिक लोगों को मिला PM-JAY का कवरेज

केंद्र सरकार के अनुसार, AB PM-JAY के तहत अब तक 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को कवर किया जा चुका है और योजना के तहत 13 करोड़ से ज्यादा अस्पताल में भर्ती की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन उपचारों पर ₹2 लाख करोड़ से अधिक की राशि खर्च हुई है।

सितंबर 2024 में योजना का विस्तार करते हुए 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी नागरिकों को, उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना, योजना के दायरे में शामिल किया गया था। इससे करीब 6 करोड़ अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाया गया।

डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को भी मिल रहा विस्तार

AB PM-JAY के Auto-Adjudication Framework के साथ केंद्र ने Arogya Manthan 2026 के दौरान कई अन्य डिजिटल हेल्थ पहलों की भी शुरुआत की है। इनमें National Healthcare Providers Registry Mobile App, NHCX Implementation Guide for Payers, Model Digital Health Facility Guidebook और Secure Data Environment शामिल हैं।

Secure Data Environment का उद्देश्य AB PM-JAY और Ayushman Bharat Digital Mission से जुड़े स्वास्थ्य डेटा के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए नियंत्रित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराना है। इसमें डी-आइडेंटिफाइड डेटा के इस्तेमाल और डेटा आउटपुट की समीक्षा जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं शामिल हैं।

केंद्र की इन पहलों से आने वाले समय में स्वास्थ्य बीमा क्लेम प्रोसेसिंग, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और डेटा आधारित स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक की भूमिका और बढ़ने की उम्मीद है।

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