श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को कथित आतंकी धमकी देने वाले पोस्टरों से जुड़े मामले में पुलिस ने कश्मीरी पंडित कार्यकर्ता राकेश हंडू को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। उन पर सोशल मीडिया के माध्यम से कथित तौर पर धमकी भरे पोस्टरों को प्रसारित करने और उनमें बदलाव करने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, घाटी में प्रधानमंत्री पुनर्वास एवं रोजगार पैकेज के तहत कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को इस साल अगस्त में सोशल मीडिया पर धमकी भरे पोस्टर मिलने के बाद चिंता बढ़ गई थी। इन पोस्टरों में कथित तौर पर कर्मचारियों के नाम और संपर्क संबंधी जानकारियां शामिल थीं। पोस्टरों में कर्मचारियों को घाटी में नौकरी छोड़ने की चेतावनी दिए जाने की बात भी सामने आई थी।
इसी मामले से जुड़े एक अलग प्रकरण में बारामूला निवासी कश्मीरी पंडित कर्मचारी रोहित रैना ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने राकेश हंडू के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कथित धमकी से संबंधित पोस्टरों को बार-बार साझा किया और उनमें बदलाव कर शिकायतकर्ता को निशाना बनाए जाने की स्थिति पैदा की।
साइबर आतंकवाद से संबंधित धाराओं में केस
पुलिस ने राकेश हंडू के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66F और 84C के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि संबंधित पोस्टरों को बार-बार प्रसारित किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपी के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित जानकारी की भी तकनीकी जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, जांच में शामिल होने के लिए आरोपी को नोटिस जारी किए गए थे। निर्धारित प्रक्रिया के बाद उन्हें हरियाणा के फरीदाबाद स्थित आवास से 17 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद अदालत ने उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
गिरफ्तारी पर उठे सवाल
राकेश हंडू की गिरफ्तारी के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आरोपी को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। आरोपी के परिवार का भी कहना है कि वह सोशल मीडिया पर कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिल रही धमकियों की जांच की मांग करते रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

