नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। रविवार, 27 सितंबर को राहुल गांधी ने समुद्र में तेज लहरों के बीच तैरने को लेकर एक संदेश साझा किया। हालांकि, उन्होंने अपनी पोस्ट में न तो SIR का नाम लिया और न ही चुनाव आयोग का सीधे तौर पर उल्लेख किया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्हें समुद्र में तब तैरना पसंद है, जब समुद्र उफान पर हो। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां यह सिखाती हैं कि उथल-पुथल भी एक तरह की शांति हो सकती है। पोस्ट के साथ उन्होंने इसके संदर्भ या किसी राजनीतिक घटनाक्रम का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया।
SIR विवाद के बीच सामने आया पोस्ट
राहुल गांधी की यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। 23 सितंबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े कुछ फैसलों और आदेशों को लेकर पिछले 10 महीनों के दौरान कई बार आपत्ति दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों निर्वाचन आयुक्तों की आपत्तियां मतदाता नाम जोड़ने-हटाने, चुनावी सूची से जुड़े फैसलों और कुछ प्रक्रियात्मक मुद्दों से संबंधित थीं। इस रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
वहीं, चुनाव आयोग ने आयोग के भीतर मतभेद को लेकर सामने आई खबरों पर कहा है कि सदस्यों के बीच अलग-अलग राय, सुझाव और टिप्पणियां निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग के अनुसार SIR से संबंधित अंतिम फैसले तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
फॉर्म-6 को लेकर भी चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि उसमें बदलाव नहीं किया गया है। आयोग के मुताबिक SIR के तहत अतिरिक्त आवश्यकता को अलग से ‘एनेक्सर डी’ के रूप में रखा गया है।
राहुल गांधी पहले भी उठा चुके हैं ‘वोट चोरी’ का मुद्दा
राहुल गांधी पिछले कुछ समय से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने ‘वोट चोरी’ समेत चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है। ये राहुल गांधी और विपक्ष की राजनीतिक दलीलें हैं, जबकि चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया और फैसलों को लेकर अलग स्थिति स्पष्ट की है।
ऐसे में राहुल गांधी का ‘तूफानी समुद्र’ वाला संदेश राजनीतिक घटनाक्रम के बीच चर्चा में जरूर आया है, लेकिन पोस्ट में उन्होंने खुद यह स्पष्ट नहीं किया है कि इसका संबंध SIR या चुनाव आयोग से है।

