नई दिल्ली/लॉज़ेन: 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी को लेकर भारत की दावेदारी अब आधिकारिक तौर पर सात देशों की रेस में शामिल हो गई है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने भारत समेत सात देशों को अपने गेम्स प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया है। इन देशों को नवंबर में IOC की Future Host Commission के सामने अपनी योजनाएं पेश करनी होंगी।
IOC के अनुसार 2036 ओलंपिक की मेजबानी में रुचि रखने वाले देशों में जर्मनी, हंगरी, भारत, कतर, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किये शामिल हैं। ये सभी देश फिलहाल IOC के साथ ‘Continuous Dialogue’ प्रक्रिया में हैं।
अहमदाबाद है भारत की दावेदारी का केंद्र
भारत की ओलंपिक मेजबानी की योजना का केंद्र अहमदाबाद है। भारत ने वर्ष 2024 में 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए अपनी रुचि औपचारिक रूप से IOC के सामने रखी थी। यदि भारत की दावेदारी सफल होती है, तो देश में पहली बार ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों का आयोजन होगा।
भारत की ओर से ओलंपिक की मेजबानी से जुड़ी बातचीत भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) गुजरात सरकार के सहयोग और केंद्रीय खेल मंत्रालय के समर्थन से आगे बढ़ाई जाएगी।
IOC किन आधारों पर करेगा मूल्यांकन?
IOC ने साफ किया है कि सातों देशों के गेम्स प्रोजेक्ट का मूल्यांकन कई महत्वपूर्ण पहलुओं के आधार पर किया जाएगा। इनमें मुख्य रूप से:
- खेल स्थलों का मास्टर प्लान
- खिलाड़ियों के अनुभव और सुविधाएं
- आयोजन के लिए फंडिंग रणनीति
- राजनीतिक और सार्वजनिक समर्थन
- ओलंपिक खेलों को सफलतापूर्वक आयोजित करने की क्षमता
- आयोजन के बाद स्थानीय समुदायों के लिए दीर्घकालिक लाभ
- आयोजन की समग्र योजना और विजन
इन सभी पहलुओं के आधार पर IOC संभावित मेजबानों की व्यवहार्यता का आकलन करेगा।
नवंबर में होगी अगली बड़ी प्रक्रिया
IOC ने सातों इच्छुक देशों को नवंबर में Future Host Commission के सामने अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने का निमंत्रण दिया है। इसके बाद परियोजनाओं का मूल्यांकन किया जाएगा और अगले चरण के लिए संभावित उम्मीदवारों को आगे बढ़ाया जाएगा।
IOC की मौजूदा समय-सारणी के अनुसार मार्च 2027 के आसपास Strategic Dialogue चरण शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और 2028 में संभावित पसंदीदा मेजबानों के साथ Targeted Dialogue का चरण शुरू किया जा सकता है।
2029 में होगा मेजबान का फैसला
2036 ओलंपिक के मेजबान का अंतिम चुनाव 2029 के मध्य में होने की उम्मीद है। IOC की नई प्रक्रिया के तहत पहले संभावित मेजबानों का मूल्यांकन और संवाद होगा, जिसके बाद पसंदीदा मेजबानों को अंतिम चुनाव के लिए आगे रखा जाएगा।
IOC ने यह भी स्पष्ट किया है कि 31 अक्टूबर 2026 के बाद 2036 ओलंपिक के लिए नए इच्छुक देशों को शामिल नहीं किया जाएगा। हालांकि, IOC भविष्य में 2040 और उसके बाद के ओलंपिक खेलों की मेजबानी को लेकर अन्य राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों के साथ गैर-बाध्यकारी बातचीत कर रहा है।
भारत के लिए क्यों है यह बड़ी खबर?
भारत में अब तक ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों का आयोजन नहीं हुआ है। ऐसे में अगर भारत 2036 की मेजबानी हासिल करता है, तो यह देश के खेल इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
ओलंपिक की मेजबानी मिलने से भारत में खेल बुनियादी ढांचे, परिवहन, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों से जुड़े क्षेत्रों को बड़े स्तर पर बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही, इससे भारत की वैश्विक खेल पहचान भी मजबूत हो सकती है।
फिलहाल भारत को मेजबानी मिलना तय नहीं है, लेकिन IOC द्वारा सात देशों की आधिकारिक प्रक्रिया में शामिल किया जाना उसकी दावेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
2036 ओलंपिक की मेजबानी के दावेदार 7 देश
- भारत
- जर्मनी
- हंगरी
- कतर
- दक्षिण कोरिया
- दक्षिण अफ्रीका
- तुर्किये
अंतिम फैसला: 2029 के मध्य में संभावित रूप से IOC द्वारा किया जाएगा।

