पलामू। नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी (NPU) में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। छात्र संगठनों ने अब इस मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का रुख करने का निर्णय लिया है। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी की ऑडिट रिपोर्ट में कई ऐसी वित्तीय गड़बड़ियों का उल्लेख है, जिनकी जांच और कार्रवाई जरूरी है।
RTI से निकाली ऑडिट रिपोर्ट
ऑल पलामू स्टूडेंट यूनियन (आपसू) और NSUI पिछले तीन दिनों से यूनिवर्सिटी में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। छात्र संगठनों ने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत यूनिवर्सिटी की ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त की है।
छात्र संगठनों से जुड़े सदस्यों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑडिट रिपोर्ट में सामने आए बिंदुओं की जानकारी मीडिया के साथ साझा की। उनके मुताबिक रिपोर्ट में एसी और मोबाइल की खरीद, गोपनीय सामग्री की छपाई सहित कई वित्तीय मामलों पर सवाल उठाए गए हैं।
‘राशि वसूलने योग्य’ होने का दावा
आपसू के राहुल दुबे ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट में कई वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख है और रिपोर्ट में संबंधित राशि को वसूलने योग्य बताया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के हित से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और सभी उपलब्ध दस्तावेजों एवं बिंदुओं के आधार पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की जाएगी।
राहुल दुबे के अनुसार, छात्र अब इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। उनका आरोप है कि वित्तीय अनियमितताओं का असर विश्वविद्यालय और छात्रों के हितों पर पड़ सकता है।
तीन दिनों से लगातार उठा रहे मुद्दा
छात्र संगठनों का कहना है कि वे पिछले तीन दिनों से प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यूनिवर्सिटी से जुड़े अलग-अलग वित्तीय मामलों को सार्वजनिक कर रहे हैं। प्रत्येक दिन कथित अनियमितता से जुड़े नए बिंदुओं की जानकारी मीडिया के सामने रखी जा रही है।
नीलांबर-पीतांबर यूनिवर्सिटी झारखंड के महत्वपूर्ण विश्वविद्यालयों में शामिल है। यहां पलामू, गढ़वा और लातेहार सहित आसपास के क्षेत्रों के हजारों छात्र अध्ययन करते हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के वित्तीय मामलों को लेकर उठे सवालों ने छात्रों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल छात्र संगठनों ने हाईकोर्ट में PIL दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब इस मामले में न्यायालय का रुख और विश्वविद्यालय की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर सभी की नजर है।

