Category: समाचार

  • नए साल में नीतीश कैबिनेट ने खोला खजाना: 55 एजेंडों को मंजूरी, रक्सौल में हवाई अड्डे का विकास होगा

    नए साल में नीतीश कैबिनेट ने खोला खजाना: 55 एजेंडों को मंजूरी, रक्सौल में हवाई अड्डे का विकास होगा

    पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नए साल की शुरुआत में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में 55 एजेंडों को मंजूरी दी गई, जिनमें से 21 प्रस्ताव मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा से संबंधित हैं। इन 21 प्रस्तावों पर कुल 2960 करोड़ 48 लाख 18 हजार 435 रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

    नीतीश कैबिनेट के अहम फैसले:

    1. जेवियर विश्वविद्यालय का निर्माण:
      पटना के दीघा घाट में निजी क्षेत्र में जेवियर विश्वविद्यालय की स्थापना और संचालन के लिए स्वीकृति।
    2. रक्सौल हवाई अड्डे का विकास:
      रक्सौल हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 149 एकड़ भूमि अधिग्रहण हेतु 207 करोड़ 70 लाख 46 हजार रुपये की स्वीकृति।
    3. फिल्म विकास निगम के लिए पद सृजन:
      बिहार राज्य फिल्म विकास और वित्त निगम लिमिटेड, पटना के लिए 38 नए पदों का सृजन।
    4. नेहरू पथ आवास परियोजना:
      पटना के नेहरू पथ पर 60 सेट ऑफिसर्स आवास और हॉस्टल परिसर के पुनर्विकास के लिए 246 करोड़ 23 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत।
    5. औद्योगिक क्षेत्र का विकास:
      • वैशाली जिले में 1243.45 एकड़ भूमि के विकास हेतु 1001 करोड़ 92 लाख 15 हजार 154 रुपये स्वीकृत।
      • सीतामढ़ी जिले में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए 298 करोड़ 77 लाख रुपये की स्वीकृति।
    6. लव कुश इको टूरिज्म पार्क:
      पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर में लव कुश इको टूरिज्म पार्क के विकास के लिए 51 करोड़ 54 लाख रुपये की स्वीकृति।
    7. सड़क सुरक्षा और अन्य योजनाएं:
      • 26 जिलों में 72 प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 35 करोड़ 46 लाख रुपये की मंजूरी।
      • राज्य के 422 प्रखंडों में पुराने वाहनों को बदलने के लिए 59 करोड़ 8 लाख रुपये स्वीकृत।
    8. नमामि गंगे योजना:
      कटिहार में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण हेतु 356 करोड़ 99 लाख रुपये की मंजूरी।
    9. अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय:
      पूर्वी चंपारण के सुगौली और सिवान के जिरादेई में अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों के निर्माण के लिए 59 करोड़ 83 लाख और 58 करोड़ 59 लाख रुपये की स्वीकृति।
    10. गन्ना मूल्य में वृद्धि:
      गन्ना किसानों को राहत देते हुए 2024-25 सत्र के लिए गन्ना मूल्य में 10 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि।

    कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने कहा:
    “21 प्रस्तावों पर कुल 2960 करोड़ 48 लाख 18 हजार 435 रुपये की स्वीकृति दी गई है।”

    इन फैसलों से राज्य के बुनियादी ढांचे, शिक्षा, उद्योग, और सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

  • रामगढ़ के चुट्टूपालू घाटी में हादसा: बीच सड़क पर पलटा एलपीजी टैंकर, बड़ा खतरा टला

    रामगढ़ के चुट्टूपालू घाटी में हादसा: बीच सड़क पर पलटा एलपीजी टैंकर, बड़ा खतरा टला

    पास एलपीजी से भरा एक टैंकर अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर पलट गया। इस हादसे से रांची-पटना मुख्य मार्ग एनएच 33 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। एलपीजी टैंकर पारादीप से नेपाल के काठमांडू जा रहा था।

    हादसे की पूरी कहानी:
    टैंकर चालक मोहम्मद शमशेर आलम ने बताया कि घाटी के ऊपर चाय पीने के बाद उसने वाहन चलाना शुरू किया। घाटी में एक खराब ट्रेलर को पार करने की कोशिश के दौरान, पीछे से रेलवे स्लैब लदे एक खुले ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद टैंकर अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर से टकराकर सड़क के बीचों-बीच पलट गया।

    बड़ा खतरा टला:
    हादसे के दौरान टैंकर में ज्वलनशील पदार्थ एलपीजी भरा हुआ था। गनीमत यह रही कि गैस लीक नहीं हुई और कोई जनहानि नहीं हुई। घटना की जानकारी मिलते ही रामगढ़ पुलिस टीम, फायर ब्रिगेड, और हाइड्रा क्रेन मौके पर पहुंच गई।

    प्रशासन की तत्परता:
    रामगढ़ थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि टैंकर को सुरक्षित उठाने के लिए क्रेन और फायर ब्रिगेड की मदद ली जा रही है। हादसे के कारण घाटी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम हो गया था, जिसे वन-वे यातायात चालू कर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। घटना की सूचना वरीय अधिकारियों को दे दी गई है।

    यातायात जल्द होगा बहाल:
    प्रशासन का कहना है कि टैंकर को जल्द से जल्द हटाकर एनएच 33 पर यातायात सुचारू रूप से चालू कर दिया जाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर चुट्टूपालू घाटी की खतरनाक स्थिति को उजागर किया है, जहां सड़क दुर्घटनाएं आम हो चुकी हैं।

  • धनबाद में हिंसक झड़प में घायल एसडीपीओ दुर्गापुर रेफर, विधायक ने की कड़ी निंदा

    धनबाद में हिंसक झड़प में घायल एसडीपीओ दुर्गापुर रेफर, विधायक ने की कड़ी निंदा

    धनबाद: झारखंड के मधुबन थाना क्षेत्र में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प के दौरान एसडीपीओ पुरुषोत्तम कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें असर्फी अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए दुर्गापुर मिशन अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद बोकारो रेंज के आईजी, डीआईजी, डीसी समेत अन्य अधिकारियों और विधायक जयराम महतो ने अस्पताल में पहुंचकर घायल एसडीपीओ का हालचाल लिया।

    घटना का विवरण:
    • मामला: धर्माबांध ओपी क्षेत्र में दो गुटों के बीच विवाद के बाद हिंसक झड़प हुई। एक गुट ने मधुबन थाना क्षेत्र में गिरिडीह सांसद सीपी चौधरी के कार्यालय में आग लगा दी।
    • पुलिस की कार्रवाई: घटना का निरीक्षण करने गए एसडीपीओ पर पीछे से पत्थरबाजी की गई। इस दौरान बमबाजी भी हुई।
    • स्थिति: एसडीपीओ के सिर पर गंभीर चोट लगी है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
    प्रभाव और प्रतिक्रिया:
    • विधायकों और अधिकारियों का बयान:
      • विधायक जयराम महतो: घटना को “असंवैधानिक” बताते हुए माफियाओं और कोयला चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस मौके का फायदा उठाकर क्षेत्र को माफिया मुक्त करना चाहिए।
      • आईजी राज माइकल: मामले की जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
    • पुलिस की प्रतिक्रिया: पत्थरबाजी और हमले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। घटना को लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
    सामाजिक और कानूनी मुद्दे:

    विधायक जयराम महतो ने सिस्टम की खामियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि माफियाओं के बढ़ते मनोबल के पीछे व्यवस्था की कमजोरी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि इस मामले को मुख्यमंत्री तक ले जाया जाएगा और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    आगे की कार्रवाई:
    • मामले की जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
    • प्रशासन और पुलिस क्षेत्र में शांति बहाली के लिए कदम उठा रहे हैं।
    • विधायक ने पत्रकार और वकीलों की सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन एक्ट की वकालत की है।
  • झारखंड राज्यकर्मियों के लिए ‘स्वास्थ्य बीमा योजना’ जल्द लागू, सीएम हेमंत सोरेन ने दी मंजूरी

    झारखंड राज्यकर्मियों के लिए ‘स्वास्थ्य बीमा योजना’ जल्द लागू, सीएम हेमंत सोरेन ने दी मंजूरी

    रांची: झारखंड राज्य के कर्मियों और उनके आश्रितों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ‘राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना’ को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस योजना के तहत राज्यकर्मियों, सेवानिवृत्त कर्मियों, और उनके परिवारों को व्यापक स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। योजना का प्रस्ताव शीघ्र ही मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में लाया जाएगा और स्वीकृति के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।

    योजना के मुख्य बिंदु:
    • स्वास्थ्य बीमा कवरेज:
      • प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का बीमा कवरेज।
      • गंभीर बीमारियों के मामलों में यह सीमा 10 लाख रुपये तक बढ़ाई जा सकती है।
    • लाभार्थियों में शामिल:
      • कार्यरत और सेवानिवृत्त राज्यकर्मी।
      • उनके आश्रित परिवार के सदस्य जैसे पति/पत्नी, पुत्र (25 वर्ष तक बेरोजगार), पुत्री (अविवाहित, विधवा, या परित्यक्ता), आश्रित माता-पिता, और दिव्यांग आश्रित।
    • कॉरपोरेट बफर और कॉर्पस फंड:
      • गंभीर बीमारियों के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉरपोरेट बफर तैयार किया जाएगा।
      • बीमा सीमा से अधिक चिकित्सा व्यय को कवर करने के लिए विशेष कॉर्पस फंड की व्यवस्था होगी।
    स्वास्थ्य बीमा योजना का उद्देश्य:

    झारखंड सरकार ने जुलाई 2023 में राज्य कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने का वादा किया था। पहले कुछ तकनीकी खामियों की वजह से योजना अटकी रही, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने सभी त्रुटियों का समाधान कर लिया है। यह योजना राज्यकर्मियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने और चिकित्सा व्यय का आर्थिक बोझ कम करने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।

    सीएम ने की पूर्व उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा से मुलाकात:

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मेडिका अस्पताल में पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री कड़िया मुंडा से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

  • गर्लफ्रेंड से झगड़े के बाद बॉयफ्रेंड ने खोला प्लेन का इमरजेंसी गेट, यात्रियों की जान खतरे में

    गर्लफ्रेंड से झगड़े के बाद बॉयफ्रेंड ने खोला प्लेन का इमरजेंसी गेट, यात्रियों की जान खतरे में

    बोस्टन (अमेरिका): अमेरिका के बोस्टन लोहन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब एक युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड से झगड़े के बाद फ्लाइट के इमरजेंसी गेट को खोलने की कोशिश की। यह घटना जेटब्लू की फ्लाइट 16 में हुई, जो प्यूर्टो रिको के सैन जुआन जा रही थी।

    क्या हुआ:

    घटना मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे की है, जब फ्लाइट टेक ऑफ के लिए रनवे पर दौड़ रही थी। इसी दौरान प्यूर्टो रिको निवासी एंजल लुइस टोरेस मोरालेस ने अचानक इमरजेंसी गेट खोल दिया और प्लेन से कूदने की कोशिश की। हालांकि, प्लेन में मौजूद यात्रियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।

    झगड़े की वजह:

    प्लेन में मौजूद एक यात्री ने बताया कि लुइस अपनी गर्लफ्रेंड से फोन को लेकर बहस कर रहा था। उसे शक था और वह अपनी गर्लफ्रेंड का फोन चेक करना चाहता था। जब गर्लफ्रेंड ने फोन दिखाने से इनकार किया, तो आक्रोशित लुइस ने यह खतरनाक कदम उठाया।

    इमरजेंसी गेट खुलने का असर:

    लुइस द्वारा इमरजेंसी गेट खोलने से फ्लाइट की इमरजेंसी स्लाइड एक्टिव हो गई और विमान रोक दिया गया। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। जेटब्लू एयरलाइन ने यात्रियों को दूसरी फ्लाइट में शिफ्ट कर दिया, जिससे फ्लाइट देरी से उड़ान भर पाई।

    लुइस के खिलाफ कार्रवाई:

    घटना के बाद लुइस को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां अगली सुनवाई 4 मार्च को होगी।

  • RJD नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी बाल-बाल बचे, सरकारी आवास पर गिरा बड़ा पेड़

    RJD नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी बाल-बाल बचे, सरकारी आवास पर गिरा बड़ा पेड़

    पटना: बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आई है। आरजेडी के सीनियर नेता और लालू प्रसाद यादव के करीबी अब्दुल बारी सिद्दीकी एक बड़े हादसे में बाल-बाल बच गए। जानकारी के मुताबिक, उनके सरकारी आवास में सुबह-सुबह एक बड़ा पेड़ गिर गया। इस घटना में उनकी निजी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन गनीमत रही कि अब्दुल बारी सिद्दीकी और उनके परिवार को कोई चोट नहीं आई।

    घटना के दौरान मची अफरातफरी:
    सुबह जब यह हादसा हुआ, उस वक्त सिद्दीकी और उनका परिवार अक्सर उसी स्थान पर टहलते थे, जहां पेड़ गिरा। हालांकि, पेड़ गिरने के समय वे सभी वहां मौजूद नहीं थे। इस घटना के बाद सरकारी आवास में कुछ समय के लिए अफरातफरी मच गई।

    सिद्दीकी का बयान:
    घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा, “ऊपरवाले का शुक्र है कि परिवार सुरक्षित है। यह एक बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन संयोग से कोई नुकसान नहीं हुआ।”

    आवंटित आवास में जल्द करेंगे शिफ्ट:
    सिद्दीकी ने बताया कि यह आवास आरजेडी विधायक अशरफ सिद्दीकी के नाम पर आवंटित है। वे जल्द ही अपने नए आवंटित आवास में शिफ्ट होने वाले थे। घटना के कारण पेड़ गिरने की वजह का अभी तक पता नहीं चल सका है।

    प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद:
    इस घटना के बाद प्रशासन द्वारा पेड़ गिरने के कारणों की जांच की जा रही है। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। RJD के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी सिद्दीकी और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए चिंता जाहिर की है।

  • यश के बर्थडे पर फैंस को बड़ा गिफ्ट: ‘टॉक्सिक’ का धमाकेदार टीज़र रिलीज, देखें KGF स्टार का फर्स्ट लुक

    यश के बर्थडे पर फैंस को बड़ा गिफ्ट: ‘टॉक्सिक’ का धमाकेदार टीज़र रिलीज, देखें KGF स्टार का फर्स्ट लुक

    हैदराबाद: साउथ के सुपरस्टार यश, जिन्हें इंडियन सिनेमा में रॉकिंग स्टार के नाम से जाना जाता है, आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। यश के फैंस के लिए यह दिन खास बना दिया गया है, क्योंकि उनके बर्थडे पर उनकी नई फिल्म ‘टॉक्सिक: ए डार्क फेयरीटेल’ का धमाकेदार टीज़र रिलीज हुआ है।

    यश, जिनका असली नाम नवीन कुमार गौड़ है, इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में पिछले 17 सालों से काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्हें वर्ल्डवाइड पहचान 2018 में रिलीज हुई फिल्म KGF चैप्टर 1 से मिली। इसके बाद 2022 में रिलीज हुई KGF चैप्टर 2 ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ा दिया।

    यश ने अपने फैंस को पहले ही वादा किया था कि वह अपने जन्मदिन पर एक खास सरप्राइज देंगे। उन्होंने 6 जनवरी को अपनी आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ का पोस्टर शेयर किया था और अब उन्होंने फिल्म का टीज़र रिलीज कर दिया है। इस टीज़र में यश का फर्स्ट लुक सामने आया है, जिसमें वह क्रीम रंग के आउटफिट और हैट में बेहद दमदार नजर आ रहे हैं। टीज़र में एक बार सीक्वेंस भी दिखाया गया है, जिसमें यश का कैरेक्टर और फिल्म का टोन सामने आता है।

    टॉक्सिक की रिलीज डेट:
    गीतू मोनदास द्वारा निर्देशित यह फिल्म 10 अप्रैल को वर्ल्डवाइड रिलीज होगी। ‘टॉक्सिक: ए डार्क फेयरीटेल’ पैन इंडिया रिलीज के लिए तैयार है और बॉक्स ऑफिस पर धमाका करने की पूरी उम्मीद है। KGF 2 के बाद यश इस फिल्म के जरिए बड़े पर्दे पर लौट रहे हैं।

    फैंस के बीच यश की इस फिल्म को लेकर जबरदस्त एक्साइटमेंट है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि वह इस बार दर्शकों को कैसा सिनेमैटिक एक्सपीरियंस देते हैं।

  • चाईबासा में IED ब्लास्ट: लकड़ी चुनने गई नाबालिग लड़की की मौत, नक्सलियों के कायराना हरकत पर पुलिस की सख्त प्रतिक्रिया

    चाईबासा में IED ब्लास्ट: लकड़ी चुनने गई नाबालिग लड़की की मौत, नक्सलियों के कायराना हरकत पर पुलिस की सख्त प्रतिक्रिया

    चाईबासा: झारखंड के चाईबासा जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट में एक नाबालिग लड़की की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना 7 जनवरी की सुबह जराईकेला थाना क्षेत्र के तिरिलपोसी गांव में हुई। पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने इस घटना की पुष्टि की।

    कैसे हुआ हादसा?

    ग्रामीणों के अनुसार, तिरिलपोसी गांव की एक नाबालिग लड़की जलावन के लिए लकड़ी चुनने सारंडा जंगल के रादापोड़ा इलाके में गई थी। लकड़ी इकट्ठा करते समय लड़की का पैर नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर IED पर पड़ गया, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में लड़की की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका का ननिहाल थोलकोबाद में बताया गया है।

    इस विस्फोट में एक अन्य महिला भी मामूली रूप से घायल हुई है।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    चाईबासा पुलिस ने घटना के बाद एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। उन्होंने बताया कि नक्सलियों द्वारा पहले से लगाए गए IED की चपेट में आने से यह दुखद हादसा हुआ। पुलिस ने इसे नक्सलियों की “कायराना हरकत” करार दिया, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों और सुरक्षाबलों को निशाना बनाना है।

    पुलिस ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और जंगलों में बिना सावधानी के जाने से बचने का आग्रह किया है।

    सारंडा क्षेत्र में नक्सली खतरा

    सारंडा जंगल क्षेत्र नक्सलियों के गतिविधियों के लिए बदनाम है। जराईकेला और छोटानागरा सीमावर्ती थाना क्षेत्रों के जंगलों में नक्सलियों ने बड़ी संख्या में IED लगाए हुए हैं। ये विस्फोटक उपकरण सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के लिए लगाए जाते हैं, लेकिन अक्सर निर्दोष ग्रामीण इनके शिकार हो जाते हैं।

    कुछ दिन पहले ही नवाडीह गांव के सुनील सुरीन नाम के एक व्यक्ति की भी IED विस्फोट में मौत हो गई थी।

    पुलिस की कार्रवाई और चुनौती

    चाईबासा पुलिस ने नक्सली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अपनी सर्च ऑपरेशन तेज कर दी है। हालांकि, घने जंगलों में नक्सलियों द्वारा लगाए गए विस्फोटकों को ढूंढना और उन्हें निष्क्रिय करना एक बड़ी चुनौती है।

    ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल

    इस तरह की घटनाएं न केवल नक्सलियों की क्रूरता को उजागर करती हैं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। प्रशासन को चाहिए कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता बढ़ाए और विस्फोटक उपकरणों का पता लगाने के लिए तकनीकी संसाधनों का उपयोग करे।

  • महाकुंभ 2025: श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशनों पर 24×7 मेडिकल सुविधा, ऑब्जर्वेशन रूम से मिलेगी त्वरित सेवा

    महाकुंभ 2025: श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशनों पर 24×7 मेडिकल सुविधा, ऑब्जर्वेशन रूम से मिलेगी त्वरित सेवा

    प्रयागराज: महाकुंभ 2025 को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने की दिशा में सरकार और रेलवे प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रयागराज रेल मंडल ने महाकुंभ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशनों पर 24×7 मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए हैं। इन ऑब्जर्वेशन रूम में विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तीर्थयात्रियों को त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता दी जा सके।

    स्टेशनों पर 24 घंटे मेडिकल सेवा

    रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज जंक्शन, प्रयाग, सुबेदारगंज, नैनी और छिवकी रेलवे स्टेशनों पर ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ 8 घंटे की शिफ्ट में अपनी सेवाएं देंगे। हर ऑब्जर्वेशन रूम के लिए 15 स्टाफ नर्स, 12 फार्मासिस्ट, 12 हॉस्पिटल अटेंडेंट और 15 हाउसकीपिंग असिस्टेंट नियुक्त किए गए हैं।

    उत्तर मध्य रेलवे के पीआरओ अमित मालवीय ने जानकारी देते हुए बताया कि जरूरत पड़ने पर रेलवे हॉस्पिटल के डॉक्टर्स भी ऑब्जर्वेशन रूम में ड्यूटी करेंगे। रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए चिकित्सा सेवाओं को पर्याप्त और प्रभावी बनाने के लिए यह कदम उठाया है।

    प्राथमिक चिकित्सा के अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध

    ऑब्जर्वेशन रूम में प्राथमिक चिकित्सा के लिए सभी जरूरी उपकरण और दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें ECG मशीन, डिफ़िब्रिलेटर, ऑक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर, ग्लूकोमीटर जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सर्दियों के मौसम, भीड़ और लंबी दूरी तय करने के कारण हार्ट पेशेंट, साइनस, डायबिटीज जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी।

    एम्बुलेंस सेवा का प्रबंध

    रेलवे प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यदि किसी तीर्थयात्री की स्थिति गंभीर होती है, तो उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी रेलवे हॉस्पिटल या शहर के मेडिकल सेंटर तक तुरंत पहुंचाया जा सके। इसके लिए शहर के प्रमुख हॉस्पिटल्स और रेलवे के मेडिकल सेंटरों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।

    श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता

    महाकुंभ 2025 में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचेंगे। उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना रेलवे प्रशासन की प्राथमिकता है। ऑब्जर्वेशन रूम की स्थापना से तीर्थयात्रियों को समय पर चिकित्सा सहायता मिलेगी और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होगी।

    रेलवे के इस कदम से महाकुंभ 2025 को सुरक्षित और सफल बनाने में बड़ा योगदान मिलेगा। श्रद्धालुओं के लिए यह एक राहत भरा कदम साबित होगा।

  • झारखंड बजट 2025: जनता और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित, सर्वश्रेष्ठ सलाहकार होंगे सम्मानित

    झारखंड बजट 2025: जनता और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित, सर्वश्रेष्ठ सलाहकार होंगे सम्मानित

    झारखंड सरकार ने मांगे आपके सुझाव!

    रांची: झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट निर्माण के लिए जनता और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अबुआ बजट पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च करते हुए कहा कि यह पहल झारखंड के विकास में जनता की भागीदारी को सुनिश्चित करेगी। इस मौके पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर, नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    कैसे दें अपने सुझाव?

    सरकार ने सुझाव देने की प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाया है:

    1. अबुआ बजट ऐप डाउनलोड करें:
      • मोबाइल के प्ले स्टोर पर जाएं और “अबुआ बजट” ऐप डाउनलोड करें।
      • ऐप में दिए गए निर्देशों का पालन करके रजिस्ट्रेशन करें और अपने सुझाव साझा करें।
    2. वेबसाइट पर सुझाव दें:
      • https://finance.jharkhand.gov.in/budgetvichar पर जाएं।
      • मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से रजिस्ट्रेशन करें और अपने सुझाव दर्ज करें।
    3. अंतिम तारीख:
      • सुझाव भेजने की आखिरी तारीख 17 जनवरी 2025 है।

    सम्मानित होंगे सर्वश्रेष्ठ सुझाव देने वाले

    सरकार ने घोषणा की है कि इस पहल के तहत तीन सर्वश्रेष्ठ सुझाव देने वालों को सम्मानित किया जाएगा। यह झारखंड सरकार की जनता के साथ सक्रिय संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    पिछले साल का बजट और इस बार के फोकस क्षेत्र

    • 2024-25 के बजट में: तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने 1,28,900 करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। इसमें:
      • कृषि कर्ज माफी की सीमा को 50,000 रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए किया गया।
      • अबुआ आवास योजना पर विशेष ध्यान दिया गया।
    • 2025-26 का बजट: इस बार सरकार का फोकस मंईयां सम्मान योजना और अन्य जनहितकारी योजनाओं पर है।

    आपकी भागीदारी से बनेगा मजबूत बजट

    मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बजट झारखंड की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला होगा। आपका हर सुझाव झारखंड के विकास को नई दिशा देगा।”

    आइए, अपनी राय दें और झारखंड के भविष्य को बेहतर बनाएं!

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